राजस्थान हाईकोर्ट ने जमीनों की खरीद-बेचान के दौरान रजिस्ट्री शुल्क में हेरफेर करने के मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। साथ ही कहा है कि राज्य सरकार मामले में अफसरों पर की गई विभागीय कार्रवाई की जानकारी भी पेश करे।
जयपुर: राजस्थान हाईकोर्ट ने झुंझुनूं जिले में जमीनों की रजिस्ट्री में कथित गड़बड़ियों को लेकर राज्य सरकार से रिपोर्ट तलब की है। कोर्ट ने पूछा है कि इस मामले में क्या भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) में भी मामला दर्ज कराया गया है।
साथ ही राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह इस प्रकरण में शामिल अफसरों के खिलाफ की गई विभागीय कार्रवाई की जानकारी भी प्रस्तुत करे। मामला पब्लिक अगेंस्ट करप्शन संस्था की जनहित याचिका से जुड़ा है, जिस पर हाईकोर्ट की खंडपीठ न्यायाधीश एसपी शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित सुनवाई कर रही थी।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता पीसी भंडारी और अधिवक्ता टीएन शर्मा ने कोर्ट को बताया कि वर्ष 2018 से 2020 के बीच झुंझुनूं जिले में कई जमीनों की रजिस्ट्री की गई। इनमें से अनेक व्यावसायिक जमीनों को अधिकारियों और संबंधित पक्षों की मिलीभगत से आवासीय दिखाकर रजिस्ट्री कर दी गई। इस हेरफेर से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ।
याचिकाकर्ता की ओर से इस पूरे प्रकरण की शिकायतें सक्षम स्तर पर पहले ही दर्ज कराई गई थीं, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामले को लेकर जनहित याचिका दायर की गई। कोर्ट ने अब राज्य सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है कि इस गड़बड़ी की जांच किस स्तर पर की गई, दोषी अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई और क्या एसीबी ने इसमें प्राथमिकी दर्ज की है या नहीं।