जयपुर

जल जीवन मिशन घोटाला: पिता-पुत्र सहित पांच आरोपी गिरफ्तार, मनमाने आंकड़े भरकर करोड़ों रुपए का लिया भुगतान

Jal Jeevan Mission Scam :भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष जांच दल ( SIT) ने जल जीवन मिशन से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में पिता-पुत्र समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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Dec 17, 2025
फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की विशेष जांच दल ( SIT) ने जल जीवन मिशन से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में पिता-पुत्र समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी आरोपी करीब दो वर्षों से फरार चल रहे थे। सभी पर परियोजना में आपसी मिलीभगत कर अनियमितता और घटिया कार्य करने का आरोप है।

एसीबी के महानिदेशक पुलिस गोविंद गुप्ता ने बताया कि बुधवार को गणपति ट्यूबवेल के प्रोपराइटर महेश कुमार मित्तल, उनके पुत्र हेमंत मित्तल उर्फ गोलू, श्याम ट्यूबवेल के मैनेजर व लाइजनिंग ऑफिसर उमेश कुमार शर्मा, श्याम ट्यूबवेल के प्रोपराइटर पदमचंद जैन के पुत्र पीयूष जैन तथा पीएचईडी के तत्कालीन लेखाधिकारी गोपाल कुमावत को गिरफ्तार किया गया।

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उन्होंने बताया कि मुकदमा संख्या 215/23 के तहत सभी आरोपियों पर जल जीवन मिशन परियोजना में आरोपियों ने मेजरमेंट बुक में मनमाने ढंग से आंकड़े भरकर राजकोष से करोड़ों रुपए का भुगतान प्राप्त किया। एसीबी ने आरोपियों की आपसी टेलीफोनिक बातचीत रिकॉर्ड की, जिसमें मिलीभगत के स्पष्ट साक्ष्य सामने आए हैं।

पहले भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियां

एसआईटी के सुपरविजन अधिकारी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि इससे पहले जल जीवन मिशन मामलों में छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ न्यायालय में चालान पेश किया जा चुका है। आरोपियों ने पीएचईडी अधिकारियों से मिलीभगत कर 2 लाख 20 हजार रुपए की रिश्वत का लेन-देन किया था।

उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत निविदा संख्या 15/21-22 व 33/21-22 में श्याम ट्यूबवेल के प्रोपराइटर पदमचंद जैन और गणपति ट्यूबवेल के प्रोपराइटर महेश कुमार मित्तल ने पीएचईडी के अधिकारियों से मिलीभगत कर कार्य प्राप्त किया। आरोप है कि बहरोड़ खंड के तत्कालीन अधिशासी अभियंता माया लाल सैनी, सहायक अभियंता राकेश चौहान और कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार की सांठगांठ से घटिया व अनियमित कार्य किया गया।

900 करोड़ के घोटाला की जांच भी

उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन में सामने आए करीब 900 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार मामले में सरकार ने एसीबी को जांच की अनुमति दी है। इस प्रकरण में जलदाय विभाग के तत्कालीन एसीएस (आईएएस) सुबोध अग्रवाल, चीफ इंजीनियर दलीप गौड़, अधीक्षण अभियंता मुकेश गोयल, चीफ इंजीनियर केडी गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य अभियंता सुधांशु दीक्षित और एक्सईएन संजय अग्रवाल के खिलाफ जांच की अनुमति दी है।

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Updated on:
17 Dec 2025 08:36 pm
Published on:
17 Dec 2025 08:35 pm
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