जयपुर

राजस्थान की जालोर पुलिस का फर्जीवाड़ा, पकड़ में आए तो एसपी ने किया लाइन हाजिर

खाकी पर फिर दाग वाहवाही ,लूटने को सरकारी शराब को ही बता दिया अवैध, रानीवाड़ा थाना प्रभारी लाइन हाजिर, दो हैड कांस्टेबल समेत पांच कांस्टेबल निलंबित
2 min read
Mar 16, 2018
raniwada

जालोर। मार्च टारगेट पूरे करने की मशक्कत और झूठी वाहवाही जालोर की रानीवाड़ा पुलिस को भारी पड़ गई है । 10 मार्च को 12 लाख अवैध शराब बरामदगी में एसपी विकास की ओर से की गई जांच में फर्जीवाड़ा सामने आया है । जिसके बाद एसपी ने गुरुवार को थाना प्रभारी चंपाराम को लाइन हाजिर करते हुए दो हैड कांस्टेबल समेत पांच कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया।

वाहवाही लूटने को सरकारी शराब को ही बता दिया अवैध
दरअसल पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जिस शराब को अवैध बताया था। वह सरकारी शराब थी और ठेकेदार द्वारा गोदाम से ठेके तक पहुंचाई जा रही थी और इसकी उसके पास एक्साइज टीपी भी थी। ठेकेदार द्वारा यह टीपी पुलिस को दिखाई गई थी, लेकिन पुलिस ने एक नहीं सुनी और शराब को जब्त करते हुए तीन जनों को गिरफ्तार भी कर लिया था।

दो हैड कांस्टेबल समेत पांच कांस्टेबल निलम्बित
खुलासे के बाद एसपी ने थाना प्रभारी चंपाराम को लाइन हाजिर करते हुए एएसआई जयकिशन, हैडकांस्टैबल मोहनलाल, हैड कांस्टेबल करनाराम, कालूराम, रमेश कुमार, प्रकाश और बुधाराम को निलंबित किया गया।

यह था मामला
10 मार्च शाम को अवैध शराब से भरे डंपर को जब्त कर उसमें से 323 कार्टन अवैध शराब बरामद की। पुलिस ने नाकेबंदी बडग़ांव में एक बिना नंबर का डंपर को जब्त किया था। साथ ही डंपर के चालक बागोड़ा थाना के मोरसीम निवासी सरदाराम पुत्र करनाराम भील, करड़ा थाने के खारा निवासी लादूराम पुत्र जयकिशन विश्नोई और बागोड़ा थाना क्षेत्र के गांवड़ी निवासी शैतानाराम पुत्र भागीरथ राम विश्नोई को गिरफ्तार किया गया था।। कार्रवाई ही संदेह के घेरे में थी कार्रवाई के बाद से ही यह प्रकरण संदेह के घेरे में था। मामले में जिस शराब को पुलिस ने अवैध बताकर जब्त किया था। उसकी विभागीय स्तर पर टीपी कटने की बात सामने आ रही है और यह शराब धानोल शराब की दुकान की थी और बडग़ांव के गोदाम से धानोल दुकान के लिए जा रही थी।

Updated on:
16 Mar 2018 01:01 pm
Published on:
16 Mar 2018 12:58 pm