जयपुर

राजस्थान का रण: मुफ्त की छोड़ो पहले किसान को पूरी बिजली तो दो

अमित शर्मा की रिपोर्ट
3 min read
Oct 11, 2018
राजस्थान का रण: मुफ्त की छोड़ो पहले किसान को पूरी बिजली तो दो
राजस्थान का रण: मुफ्त की छोड़ो पहले किसान को पूरी बिजली तो दो

ग्राउंड रिपोर्ट के लिए आज सफर शुरू हुआ मारवाड़ की ओर। जयपुर से अजमेर ब्यावर होते हुए पहला पड़ाव बर में हुआ। राजधानी जयपुर से 217 किलोमीटर दूर और सूर्यनगरी जोधपुर से 126 किलोमीटर पहले बसे इस इलाके को लगभग मिडवे सा मान सकते हैं। जयपुर जोधपुर के बीच सड़क से सफर करने वाले यहां चाय के लिए रुकना पसंद करते हैं। खस्ताहाल सड़कों का रोना यहीं खुलकर रोया जाता है। वैसे रियासत काल में बर मारवाड़ स्टेट की सीमा हुआ करती थी, इसके बाद से अजमेर स्टेट शुरू हो जाया करता था। सुबह के साढ़े चार बजे यहां चाय के लिए उतरे और मौजूद लोगों का चुनावों पर मन टटोलना शुरू किया ही था कि सामने फुटपाथ पर खड़े एक ठेले पर नजर गई। सोडा शिकंजी के इस ठेले पर एक मां और उसका लाल चैन से सो रहा था। पर इस तस्वीर को देख उन लोगों को चैन क्यों नहीं खोता, जो हर पांच साल में गरीबी हटा देने के वादे के साथ वोट मांगने आते हैं।

बहरहाल चाय की थड़ी पर वापस लौटते हैं, जहां महेन्द्रनाथ टोकन लेकर चाय दे रहे हैं। इन दिनों महेन्द्रनाथ मुसाफिरों की चुनावी चर्चा को सुन रहे हैं। पहली बार बोलने का मौका मिला। बकौल महेन्द्रनाथ वो टिरोलिया आसा गांव के रहने वाले हैं। बाजरा, मक्का उनके खेत में बोया जाता है। पूरा परिवार परेशान है। पानी बरसा नहीं, कुएं कब के रीत चुके, ट्यूवबैल भी अब बैठते जा रहे हैं। उनका कहना है कि सरकार न जाने किस किसान को फायदा पहुंचा कर पीठ थपथपा रही है, हमें तो कुछ मिला नहीं।

चाय पीकर सुस्ती मिटाने रुके ट्रक चालक सोलाराम उन लोगों में से हैं, जो न वोट डाल पाते हैं, न किसी नेता तक अपनी बात पहुंचा पाते हैं। पूरी जिंदगी पहियों पर बीतती आई है, वोट क्या खाक डालें। फिर भी दर्द गहरे हैं। कहते हैं, मेहनत करने वाला पिसता जा रहा है, लूटने वाला देश खा रहा है। सरकार टैक्स लेकर लूट रही है, पुलिस वाले घूस लेकर। वो गुवाहटी से ट्रक लेकर आते हैं। पन्द्रह हजार का टोल लग जाता है। पुलिस वाले कितना लेंगे यह तय नहीं है, उनके खराब और अच्छे मूड पर निर्भर करता है।

बर इलाका पाली के जैतारण में आता है। जैतारण में 2013 में मोदी लहर ने बीजेपी के सुरेन्द्र गोयल को जिताया था, जो मंत्री हैं। 2008 में कांग्रेस के बागी दिलीप चौधरी निर्दलीय जीते थे, क्योंकि कांग्रेस ने सीडी देवल को टिकट दे दिया था। चौधरी जीतकर फिर कांग्रेस में आ गए थे और अब देवल और चौधरी दोनों ही टिकट की दावेदारी जता रहे हैं। जैतारण में कुमावत, राजपूत, माली और जाट मतदाताओं की तादाद काफी है। मुस्लिम मतदाता भी अच्छी संख्या में है। इस बार कांग्रेस से दिलीप चौधरी के अलावा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष और राजसमन्द के सांसद रहे गोपाल सिंह ईडवा भी यहां दावेदारी जता रहे है। बीजेपी में भी कई दावेदार है।

बर से बढ़े तो बिलाड़ा में कुछ लोगों को जमा पाया। ये सुबह के कोई साढ़े पांच बजे की बात है। कुछ कुछ उजाला होने लगा था। नौजवान दिलीप खुलकर बोले। कहा- ये गहलोतजी का इलाका है। इस कारण बीजेपी सरकार ने कुछ काम ही नहीं किए। क्या कांग्रेस अशोक गहलोत को सीएम बनाएगी, सवाल पर दिलीप जो कि बस कंडेक्टर है, कुछ नाराजगी जताते हुए कहने लगा- 'फूट्योड़ी किस्मत होगी कांग्रेस री। अबार भी कोनी समझे'।

वहीं मौजूद सूरता राम भाजपा समर्थित नजर आये, बल्कि यूं कहें कि पीएम मोदी से प्रभावित दिखे। बोले- 'देश में तो अच्छे काम हुए हैं। पर पिछले पांच साल राजस्थान में जनता रोती रही। किसानों की किसी ने नहीं सुनी। जब हमने कहा कि अब तो सरकार ने मुफ्त बिजली का वादा कर दिया, किसानों को तो खुश होना चाहिए, तो सूरता राम की सूरत कुछ बिगड़ती सी नजर आई, बस इतना ही बोले- पहले बिजली दो तो सही, मुफ्त तो बाद की बात है। पास बैठे एक और सज्जन सुरेन्द्र सिंह भी बीच में आये, बस छूटने की जल्दी थी, तो इस चर्चा को सुन बस इतना ही कह कर गए, 'सरकार भी लोन देने वाली कंपनियों सी हो गई है, हर वादे इरादे में स्टार का साइन लगा देती है, जनता ये मानले कि नियम शर्ते लागू हैं। नियम पूरे होंगे तो वादे पूरे करेंगे। और नियम ये ही है कि इस बार कुछ करेंगे नहीं, अगली बार जिताओं तो पिछला वादा पूरा करेंगे।'

बिलाड़ा का आई माता मंदिर पूरे मारवाड़ में प्रसिद्ध है। तहसील बिलाड़ा का विधानसभा क्रम 131 है। यहां 2,63,736 मतदाता इस बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। वैसे करनी तो नहीं चाहिए, फिर भी जाति के बिना इलेक्शन की बात हमारे यहां अधूरी है। बिलाड़ा में सर्वाधिक वोटर जाट, मेघवाल और मुस्लिम हैं। विश्नोइयों की संख्या भी काफी है। मौजूदा विधायक बीजेपी से अर्जुन लाल गर्ग है। 2008 के परिसीमन के बाद ये एससी सीट है और तब से ही अर्जुन गर्ग विधायक हैं। कांग्रेस से दावेदारों में हीरालाल मेघवाल को पुलिस सेवा में रहे विजेन्द्र झाला टिकट के लिए चुनौती दे रहे हैं।

मारवाड़ का सफर अभी जारी रहेगा। कल जोधपुर में लोगों से मिलेंगे, उनके मन की बात आप तक लाएंगे। सफर जारी है, पर बर में ठेले पर दिखे उस मां बेटे की तस्वीर को भुला नहीं पा रहा हूं, तमाम शहरी ग्रामीण आवासीय योजनाओं के दावे एक तरफ और फुटपाथ पर सोता मेरा दरवेश एक तरफ।

Published on:
11 Oct 2018 08:00 am