LPG shortage in Rajasthan: राजस्थान में रसोई गैस संकट गहराने लगा है। सिलेंडर आपूर्ति घटकर करीब 50% रह गई है, जिससे शादी समारोह और होटलों के खाने के दाम 20% तक बढ़ गए। हालात संभालने के लिए सरकार ने 31 मार्च तक अधिकारियों-कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
Rajasthan LPG Crisis: प्रदेश में एलपीजी की किल्लत के बीच राज्य सरकार ने करीब 10 साल बाद सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत राशन दुकानों से जरूरतमंद उपभोक्ताओं को केरोसिन वितरित करने का फैसला किया है। राज्य में वर्ष 2017 में केरोसिन का वितरण पूरी तरह बंद कर दिया गया था।
अब केंद्र सरकार ने गुरुवार को राजस्थान को 2,928 किलोलीटर यानी करीब 29.28 लाख लीटर केरोसिन आवंटित किया है, ताकि एलपीजी की कमी से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके। इधर, हालात सामान्य होने के सरकारी दावों के बीच राज्य सरकार ने 31 मार्च तक सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के अवकाश निरस्त कर दिए हैं। इससे एक दिन पहले खाद्य विभाग के अधिकारियों के अवकाश भी रद्द कर दिए गए थे।
प्रदेश में एलपीजी संकट के बीच गैस कंपनियों ने उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। शहरों में 25 दिन बाद सिलेंडर बुकिंग की शर्त पहले से लागू थी। वहीं, गुरुवार को ग्रामीण क्षेत्रों में अगली बुकिंग के लिए 45 दिन का इंतजार अनिवार्य कर दिया गया है। इससे ग्रामीण उपभोक्ताओं को दूसरे सिलेंडर की बुकिंग के लिए डेढ़ महीने तक इंतजार करना पड़ेगा।
व्यावसायिक सिलेंडर की कमी का असर शादी और पार्टियों की व्यवस्था पर भी दिखने लगा है। राजधानी सहित कई शहरों में होटल संचालकों और कैटरर्स ने पहले से तय बुकिंग राशि में 10 से 20 फीसदी तक बढ़ोतरी कर दी है।
उधर, गुरुवार को इंडियन ऑयल और भारत गैस का सर्वर दिनभर ठप रहने से सिलेंडर बुकिंग सिस्टम लगभग बंद रहा। गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लग गई और कई जगह एजेंसी संचालकों को बाउंसर तक लगाने पड़े।
हालांकि खाद्य व नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने दावा किया कि प्रदेश में गैस की कोई कमी नहीं है और 25 दिन बाद बुकिंग करने पर डेढ़ दिन में सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग के प्रमुख सचिव ने भी कहा कि सिलेंडर आपूर्ति बढाने के लिए आपात प्लान जरूरत नहीं है।
जयपुर शहर में एलपीजी गैस की किल्लत के बीच गुरुवार को शहर के कई पेट्रोल पम्पों पर एलपीजी गैस की सप्लाई बंद हो गई। गैस नहीं मिलने के कारण एलपीजी से संचालित हजारों ऑटो का संचालन प्रभावित हो गया और करीब 10 हजार ऑटो के पहिए थम गए।
इससे शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर सीधा असर पड़ा। सुबह से ही बड़ी संख्या में ऑटो चालक गैस भरवाने के लिए पम्पों पर पहुंचे, लेकिन वहां एलपीजी उपलब्ध है। नहीं होने के कारण उन्हें खाली लौटना पड़ा। चालकों का कहना है कि पिछले कई दिनों से सप्लाई कम हो रही थी।
ऑटो चालकों का कहना है कि एलपीजी नहीं मिलने के कारण उनकी रोजाना की कमाई पर भारी असर पड़ रहा है। कई चालक सुबह से शाम तक गैस की तलाश में पम्पों के चक्कर लगाते रहे। सबसे ज्यादा असर स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाले ऑटो पर पड़ा है। बड़ी संख्या में स्कूल ऑटो एलपीजी से चलते हैं।
समस्या को लेकर ऑटो यूनियन ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। यूनियन पदाधिकारियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन भेजकर एलपीजी गैस की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करने और शहर में पर्याप्त मात्रा में गैस उपलब्ध कराने की मांग की है।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आपात या आकस्मिक परिस्थितियों को छोड़कर 31 मार्च तक किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश नहीं दिया जाएगा। इस अवधि में अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों की स्वीकृति भी नहीं दी जाएगी।
पूर्व में स्वीकृत अवकाश केवल आपात या आकस्मिक परिस्थितियों में ही मिलेगा। हालांकि, आदेश में अवकाश पर रोक लगाने का कारण वित्तीय वर्ष के समापन से जुड़े कार्यों को पूरा करना बताया है। कर्मचारियों का कहना है कि वित्तीय वर्ष की समाप्ति के मद्देनजर पहले कभी राज्य के सभी विभागों के कर्मचारियों के अवकाश एक साथ निरस्त नहीं किए गए।
एलपीजी संकट के बीच लोग घरेलू और व्यावसायिक गैस के वैकल्पिक सहारों की तरफ बढ़ने लगे हैं। यहां भी उपभोक्ताओं से उपकरण की तीन से चार गुना कीमत वसूली जा रही है।
एजेंसी संचालकों ने कहा कि पहले के मुकाबले आधे सिलेंडर मिल रहे हैं, लेकिन बड़ी मुसीबत यह भी है कि सर्वर ठप है। ऐसे में डीलर के पास सिलेंडर उपलब्ध होने के बाद भी वह उपभोक्ता को नहीं दे पा रहा है। न तो ओटीपी आ रहा है न ही बिल प्रिंट हो रहे हैं।
स्वायत्त शासन सचिव रवि जैन ने श्रीअन्नपूर्णा रसोईयों में घरेलू गैस सिलेंडरों की निर्बाध आपूर्ति के निर्देश दिए। लोगों से भोजन उपलब्ध नहीं होने या समस्या पर राजस्थान संपर्क पोर्टल के हेल्पलाइन नंबर 181, 112 और 1445 पर शिकायत दर्ज करने के लिए कहा है।