जयपुर

Rajasthan LPG Crisis : घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडर पर तेल कंपनियों का बड़ा बयान, जानिए क्या कहा?

Rajasthan LPG Crisis : घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडर पर तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता का बड़ा बयान। स्पष्ट की ताजा तस्वीर। जानिए क्या कहा?

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फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan LPG Crisis : राजस्थान में एलपीजी और ऑटो एलपीजी की किल्लत के बीच सोमवार को तेल कंपनियों के कार्यकारी निदेशक एवं राज्य स्तरीय समन्वयक मनोज गुप्ता ने मीडिया के सामने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति दबाव में है और एलपीजी की कमी बनी हुई है, लेकिन पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। मनोज गुप्ता ने बताया कि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में फिलहाल पांच दिन का बैकलॉग चल रहा है। सीधेतौर पर 14 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सिलेंडर का इंतजार है। इस बैकलॉग को धीरे-धीरे पूरा किया जा रहा है।

मनोज गुप्ता ने बताया कि एलपीजी संकट की शुरुआत में 10 से 13 मार्च के बीच पैनिक बुकिंग के कारण स्थिति बिगड़ी थी। वर्तमान में रोजाना करीब तीन लाख सिलेंडरों की सप्लाई की जा रही है और बुकिंग पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है।

छोटे सिलेंडर का विकल्प

मनोज गुप्ता ने कहा कि छात्रों, प्रवासी श्रमिकों और छोटे कारोबारियों की सुविधा के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर का प्रावधान सरल बनाया गया है। अब पहचान पत्र दिखाकर गैस एजेंसी से आसानी से 5 किलो का सिलेंडर लिया जा सकता है। गुप्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू नए कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं, लेकिन व्यावसायिक कनेक्शन लिए जा सकते हैं।

ये तथ्य भी सामने आए

363 फीसदी बढी ऑटो एलपीजी की मांग
607 मीट्रिक टन से ज्यादा हुई मांग
24 घंटे खोले जा रहे हैं एलपीजी पंप
21 फीसदी से ज्यादा बढ़ी हाई स्पीड डीजल की मांग।

रविवार से लागू नई व्यवस्था

इससे पूर्व तीनों गैस कंपनियों ने रविवार से नई व्यवस्था लागू कर दी है। संचालकों को एलपीजी पंप अब 24 घंटे खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे ऑटो चालकों को गैस लेने के लिए दिनभर कतार में नहीं लगना पड़ेगा। यह निर्देश ऑटो चालकों के लिए बड़ी राहत है।

वहीं जयपुर में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने इंडेन गैस की एजेंसियों के बुकिंग सिस्टम में बदलाव किया है। कंपनी के महाप्रबंधक (एलपीजी) आशीष कुमार के अनुसार, अब सॉफ्टवेयर में ऐसा बदलाव किया गया है कि जब तक पुरानी बुकिंग पूरी नहीं होगी, तब तक नई बुकिंग का बिल न तो जनरेट होगा और न ही डिलीवरी आगे बढ़ेगी। यानी जिसने पहले बुकिंग कराई है, उसे ही प्राथमिकता के आधार पर सिलेंडर मिलेगा। जल्द ही यही सिस्टम भारत गैस और हिंदुस्तान पेट्रोलियम की एजेंसियों में भी लागू किया जाएगा।

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Published on:
07 Apr 2026 07:40 am
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