
Vivekananda Government Model Schools Update : जयपुर. राजस्थान के 134 स्वामी विवेकानंद राजकीय मॉडल स्कूलों में पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी कर चुके शिक्षक अब भी इच्छित जिले में पदस्थापन का इंतजार कर रहे है। सितंबर 2025 में निर्धारित कार्यकाल पूरा होने के बावजूद आदेश जारी नहीं हुए हैं। इससे गृह जिले से दूर कार्यरत शिक्षकों की परेशानी बढ़ रही है। शिक्षकों को उम्मीद थी कि निर्धारित अवधि पूरी होने पर रिक्त पदों के आधार पर गृह जिले या इच्छित जिले में पदस्थापन का अवसर मिलेगा, लेकिन अब तक निर्णय नहीं हुआ है। मॉडल स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में निर्धारित कार्यकाल पूरा करने वाले कार्मिकों को इच्छित जिले में पदस्थापन का लाभ दिया जा चुका है। ऐसे में मॉडल स्कूलों के शिक्षक भी समान अवसर की उम्मीद कर रहे है। उनका कहना है कि सरकार को जल्द निर्णय लेकर पदस्थापन प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए।
राजस्थान के 134 मॉडल स्कूलों में करीब 45,168 विद्यार्थी अध्ययनरत है। इनमें 4,020 पद स्वीकृत है। शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित इन विद्यालयों में अंग्रेजी माध्यम, विज्ञान संकाय और सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार पढ़ाई की सुविधा है।
शिक्षक संघ एलीमेंट्री सेकेंडरी टीचर एसोसिएशन (रेसटा), राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से रिक्त पदों के आधार पर इच्छित जिले में पदस्थापन के आदेश जल्द जारी करने की मांग की है।
वर्ष 2020 में साक्षात्कार के माध्यम से 134 मॉडल स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद के दिशा-निर्देशों के बिंदु संख्या 7 में पांच वर्ष की संतोषजनक सेवा पूरी करने के बाद रिक्त पदों के आधार पर इच्छित जिले में स्थानांतरण का अक्सर देने का प्रावधान है। शिक्षकों के अनुसार, इस संबंध में प्रकरण शिक्षा निदेशालय को भेजा जा चुका है, लेकिन पदस्थापन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। गृह जिले से लंबे समय से दूर रहने के कारण उन्हें पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने में भी परेशानी हो रही है।