राजस्थान में देर रात मूसलाधार बारिश, भारी बारिश से कई जिले बेहाल, अगले 24 घंटो में भारी बारिश की चेतावनी
जयपुर।
प्रदेश में लगातार चल रहे मॉनसून के इंतज़ार के बाद आखिरकार बुधवार को पूरे प्रदेश में बारिश होने से लोगों ने राहत की सांस ली। राजधानी सहित अन्य जिलो में गुरुवार को मानसून की पहली झमाझम बरसात से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, जिले में हल्की बूंदाबूंदी का दौर पिछले दो दिनों से चल रहा था। जिसके कारण उमस की समस्या भी काफी बढ़ गई थी। देर रात भी तेज बारिश का दौर चला। राजस्थान के कई जिलों में जयपुर, उदयपुर, बांसवाड़ा,भरतपुर, पाली समेत कई जिलों में बारिश का रुक रुक कर दौर चलता रहा।
बांसवाड़ा जिले में मानसून के आने से तेज बारिश का दौर बना हुआ है। बांसवाड़ा में गुरुवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश हुई जो देर रात तक चलती थी। इस दौरान बांसवाड़ा में 24 घंटों में जगपुरा में 107 मिमी, घाटोल में 89 मिमी, भूंगड़ा में 75 मिमी, दानपुर में 55 और लोहारिया में 45 मिमी बरसात दर्ज की गई।
उदयपुर में भी देर रात आधे शहर में करीब आधा घंटा झमाझम बारिश हुई। शहर में दिनभर उमस के बाद शाम को बारिश से लोगो ने राहत महसूस की। तेज बारिश से शहर और आसपास की झीलों में पानी की आवक जारी है। गुरुवार दोपहर में वल्लभनगर में 43 एमएम बारिश दर्ज की गई। उदयपुर में दोपहर से ही हल्की फुहारें गिरना शुरू हो गई थी। हल्की फुहारों के गिरने का सिलसिला करीब डेढ़ घंटे चला। इसके बाद भी उमस ने लोगों को खासा परेशान किया। शाम करीब सात बजे बारिश हुई। यह बारिश खंडवर्षा के रूप में हुई। सिंचाई विभाग के कंट्रोल रूम के अनुसार गुरुवार सुबह आठ बजे तक बीते चौबीस घंटों में उदयपुर 4 एमएम, गोगुंदा 35, सोम पिक अप वियर 38, कोटड़ा में 48 एमएम बारिश दर्ज की गई।
जोधपुर के लोहावट कस्बे सहित आसपास क्षेत्र में भी गुरुवार शाम से देर रात तक जमकर बारिश हुई। बारिश से चारों ओर पानी ही पानी नजर आया। लोहावट तहसील कार्यालय में कुल 69 एमएम बारिश रिकॉर्ड दर्ज की गई। वही बारिश से किसानों के चेहरे खिल उठे। बारिश से सडको पर पानी नदी के माफिक बहने लगा। वही बारिश का लोगो ने जमकर लुत्फ उठाया। बारिश से लोहावट रेलवे स्टेशन के नजदीक रेलवे फाटक के पास ट्रैक पर व उसके पास से मिट्टी खिसक गई। इससे ट्रेक के पास खड्डा हो गया। इस दौरान लोहावट रेलवे स्टेशन पर आई जैसलमेर-जोधपुर साधारण सवारी गाडी को करीब आधा घंटा तक रोकना पडा। बाद में ट्रेक के दुरूस्त करने के बाद ट्रेन को आगे जोधपुर के लिए रवाना किया गया। मिट्टी खिसकने के स्थान पर ट्रेन को धीमी गति से निकाला गया।
भरतपुर में भी बारिश होने से सप्ताह का रिकॉर्ड दर्ज किया गया। जो मंगलवार को 3.1 , बुधवार को 9.2 और गुरुवार को 20 एमएम दर्ज की गई। अच्छी बारिश से किसानों के चेहरों पर चमक आई। वहीं सड़कें लबालब हो गईं। सुबह लोग उमस से परेशान रहे। कुछ समय बाद आसमान में बादल छाने के साथ तेज बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे की बारिश ने लोगों को उमस से राहत दी। गर्मी से निजात के लिए लोग बारिश में भीगकर मौसम का लुत्फ उठाते हुए निकले। मानसून की दस्तक के साथ हुई मूसलादार बारिश से खेतों में नमी आई है। किसान खरीफ की फसल के लिए जुताई और बुवाई में जुटे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो जिस तरह से मानसून ने राजस्थान में दस्तक दी है इस तरह राजस्थान में अच्छी बारिश होने का अनुमान है। आपको बता दें कि राजस्थान में मानसून ने बुधवार को आधा दर्जन जिलों में एक साथ दस्तक दी थी। प्रदेश के ही कई जिलो में तेज मूसलाधार बारिश के चलते मौसम विभाग ने अलर्ट भी जारी किया है। साथ ही अनुमान है कि साल 2017 के मुताबिक इस साल अच्छी बारिश हो सकती है।