जयपुर

राजस्थान में नवगठित 76 नगरपालिकाओं के लिए 684 नए पद स्वीकृत, आउटसोर्सिंग से लगाए जाएंगे चतुर्थ श्रेणी कर्मी

Rajasthan Government : राजस्थान सरकार ने प्रदेश की नवगठित 76 नगरपालिकाओं के लिए 684 नए पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ​ही छह नगरपालिकाएं पुनः ग्राम पंचायतों में परिवर्तित हो चुकी हैं।
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Rajasthan newly formed 76 municipalities 684 posts approved Class IV employees outsourcing
Rajasthan Government : सीएम भजनलाल शर्मा। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan Government : राजस्थान सरकार ने प्रदेश की नवगठित 76 नगरपालिकाओं के सुचारू संचालन के लिए 684 नए पदों के सृजन को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। स्वायत्त शासन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। नए पदों के सृजन से इन नगरपालिकाओं में प्रशासनिक, तकनीकी और वित्तीय व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी। आदेश के अनुसार प्रत्येक नगरपालिका में एक-एक अधिशासी अधिकारी-चतुर्थ, सहायक राजस्व निरीक्षक, कनिष्ठ अभियंता (सिविल), कनिष्ठ लेखाकार, ठोस कचरा प्रबंधक (स्वास्थ्य निरीक्षक द्वितीय), वरिष्ठ प्रारूपकार और वरिष्ठ सहायक का पद स्वीकृत किया गया है। इसके अलावा प्रत्येक निकाय में दो कनिष्ठ सहायक नियुक्त किए जाएंगे।

इस प्रकार कुल 684 नए पद सृजित किए गए है। नवगठित नगरपालिकाओं में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, चौकीदार, सफाई जमादार और सफाई कर्मचारियों की सेवाएं फिलहाल आउटसोर्सिंग के माध्यम से ली जाएंगी। इन पदों के वेतन-भत्तों के लिए राज्य सरकार की ओर से अलग से कोई अनुदान नहीं दिया जाएगा। संबंधित नगर निकाय अपने उपलब्ध संसाधनों एवं आवश्यकता के अनुसार कार्मिकों की नियुक्ति करेंगे। पदों पर नियुक्ति, प्रतिनियुक्ति अथवा भर्ती की प्रक्रिया नियमानुसार की जाएगी।

6 नगरपालिका दोबारा बनी ग्राम पंचायत

राजस्थान सरकार ने वर्ष 2020-21 और 2022-23 में गठित छह नगरपालिकाओं के लिए पूर्व में स्वीकृत 54 पदों को भी समाप्त करने का निर्णय लिया है। ये छह नगरपालिकाएं बाद में पुनः ग्राम पंचायतों में परिवर्तित हो चुकी हैं। इनमें गुढ़ागौड़जी (झुंझुनू), रानीवाड़ा (जालोर), जावाल (सिरोही), लालगढ़-जाटान (श्रीगंगानगर), ऋषभदेव और सेमारी (उदयपुर) शामिल हैं। इनके लिए पूर्व में दी गई आउटसोर्सिंग संबंधी स्वीकृति भी तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई है।

किसानों को मिल सकेगा 10 प्रतिशत तक अधिक रॉ-बीज

एक अन्य खबर के अनुसार राज्य सरकार ने किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने तथा बीज उत्पादन प्रोत्साहित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके माध्यम से बीज उत्पादन व प्रमाणीकरण व्यवस्था और प्रभावी बनाया जाएगा, वहीं अनुमानित उपज से अधिक उपज प्राप्त होने पर किसान को 10 प्रतिशत अधिक तक रॉ-बीज इंटेक की अनुमति होगी। बीज प्रमाणीकरण के लिए लागू क्रॉप कैलेंडर में भी संशोधन किया जाएगा। राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणीकरण संस्था के संचालन मंडल की बैठक में गुरुवार को यह निर्णय किए गए।

बैठक की अध्यक्षता कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल ने की। अध्यक्ष मंजू राजपाल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने तथा बीज उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में लिए गए निर्णयों से बीज उत्पादन एवं प्रमाणीकरण व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी तथा प्रदेश के बीज उत्पादक किसानों को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।

Published on:
26 Jun 2026 07:29 am