Rajasthan Crime: राजस्थान में अवैध संबंधों की आग में विवाह बंधन के पवित्र रिश्ते जल गए। दो मामलों में महिलाओं ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने अपने पतियों की बेरहमी से हत्या कर दी। अदालत ने दोनों मामलों में सजा सुना दी है।
Rajasthan Crime: जयपुर। राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में अवैध संबंधों की आग में विवाह बंधन के पवित्र रिश्ते जल गए। ऐसे ही दो मामलों में महिलाओं ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने अपने पतियों की हत्या कर दी। अदालत ने मंगलवार को दोनों मामलों में पांच आरोपियों को उम्रकैद की सजा से दंडित किया है।
विशिष्ट लोक अभियोजक विजेन्द्र अग्रवाल के अनुसार 24 अप्रेल 23 को जिला अस्पताल में उपचाराधीन चिमनलाल कुम्हार ने पुलिस को पर्चा बयान दिया था कि उसकी बीवी चन्द्रकला और विनय कुम्हार के बीच अवैध संबंध थे।
घटना वाले दिन वह घर में कुर्सी पर बैठा था। तभी विनय और चन्द्रकला ने उसे पेट्रोल डालकर जला दिया। घटना के बाद विनय तो जीप लेकर भाग गया। पड़ोसियों ने उसे एम्बुलेंस से जिला चिकित्सालय पहुंचाया। चिमनलाल की हालत बिगड़ने पर उसे बीकानेर रैफर कर दिया। जहां उसकी 4 मई 2023 को मौत हो गई।
पुलिस ने इस मामले को हत्या में दर्ज कर आरोपी चन्द्रकला और विनय कुम्हार के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। अतिरिक्त जिला सेशन जज ने आरोपियों को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
वकील जसवंत सिंह भादू के अनुसार 4 जुलाई 2019 को मटीलीराठान थाने में मिर्जेवाला गांव के रहने वाले 70 साल के गोकुल राम मेघवाल ने केस दर्ज कराया था। जिसमें कहा गया था कि उसका लड़का जगदीश अपने परिवार के साथ अलग रहता है। ताऊ के पुत्र पालाराम मेघवाल और जगदीश की पत्नी शकुंतला के बीच अवैध संबंध थे।
जगदीश ने पालाराम और शकुंतला को कई बार समझाया भी था, लेकिन दोनों नहीं माने। 2 जुलाई 2019 को जगदीश जब वापस घर नहीं आया तो उसकी तलाश की गई। इस पर शकुंतला पर शक हुआ तो उससे पूछताछ की गई। पहले तो उसने मना कर दिया लेकिन बाद में उसने छोटी नहर एरिया में जगदीश के होने के बारे में बात बताई। वहां पुलिस को जगदीश का शव मिला।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि पालाराम और शंकुतला ने जगदीश की हत्या कर दी और चादर में डालकर शव को छोटी नहर में फेंक दिया। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर चालान पेश किया था। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।