
Rajasthan Local Body Elections 2026: जयपुर: राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में प्रमुखों (महापौर, सभापति, अध्यक्ष) के पदों की आरक्षण लॉटरी के साथ ही चुनावी दावेदारों का गणित बदल गया है। लॉटरी में 50 सीटें अनुसूचित जाति, 11 अनुसूचित जनजाति, 60 ओबीसी के लिए आरक्षित और 188 सीटें अनारक्षित (ओपन टू ऑल) की गई हैं। इनमें एससी की 16, एसटी की 3, ओबीसी की 20 और सामान्य वर्ग की 62 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की गई है। यानी 101 शहर सरकारों की कमान महिलाओं के हाथ में रहेगी।
नगरीय निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के आरक्षण की पिछले तीन दौर की लॉटरी के आंकड़े राजनीतिक समीकरणों में बदलाव के संकेत दे रहे हैं। साल 2026 की लॉटरी में अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित पदों का प्रतिशत बढ़कर 16.18 हो गया है, जो 2014-15 और 2019-20 की तुलना में सबसे अधिक है।
वहीं, अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के आरक्षण में 2019-20 के मुकाबले इस बार महज 0.47 प्रतिशत का अंतर है। यानी ओबीसी आरक्षण का राजनीतिक आधार लगभग स्थिर रहा है। निकाय चुनावों में अध्यक्ष और सभापति जैसे पदों के लिए ओबीसी वर्ग से बड़ी संख्या में दावेदार सामने आते रहे हैं।
साल 2014-15 में एससी के लिए 15.50 प्रतिशत पद आरक्षित थे। 2019-20 में यह आंकड़ा घटकर 15.30 प्रतिशत रह गया था, लेकिन 2026 में बढ़कर 16.18 प्रतिशत हो गया। यानी तीनों दौर की तुलना में इस बार एससी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। इससे एससी वर्ग के नेताओं के लिए प्रमुख पदों पर दावेदारी के अवसर बढ़े हैं और राजनीतिक दलों को भी इन निकायों में इसी सामाजिक समीकरण के हिसाब से चेहरे तलाशने होंगे।
| श्रेणी | 2014-15 | 2019-20 | 2026 |
|---|---|---|---|
| अनुसूचित जाति (SC) | 15.50% | 15.30% | 16.18% |
| अनुसूचित जनजाति (ST) | 3.20% | 3.60% | 3.55% |
| अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) | 19.56% | 19.89% | 19.42% |