
राजस्थान निकाय चुनाव 2026 की मतगणना और नतीजों के आधिकारिक ऐलान के काउंटडाउन के बीच जयपुर के बड़े रिसॉर्ट्स सियासी जंग का मुख्य केंद्र बन चुके हैं। मतदान खत्म होते ही बाड़ाबंदी में भेजे गए कांग्रेस और BJP प्रत्याशियों को केवल निगरानी में नहीं रखा गया है, बल्कि नतीजों के तुरंत बाद बनने वाले राजनीतिक समीकरणों के लिए बाकायदा ट्रेनिंग दी जा रही है। बस्सी के एक रिसॉर्ट में ठहरे कांग्रेस प्रत्याशियों को वरिष्ठ नेताओं ने एकजुट रहने और प्रलोभन से दूर रहने की सख्त नसीहत दी, तो वहीं बगरू के एक आलीशान होटल में मौजूद BJP प्रत्याशियों को 'हनुमान अंश' फिल्म दिखाकर और अंताक्षरी खिलाकर तनावमुक्त रखने की कोशिश की गई। दोनों ही दल अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, लेकिन मतगणना स्थल से लेकर बोर्ड बनाने तक की इस घेराबंदी के पीछे असली सवाल यह है कि क्या नतीजे आने के बाद दोनों पार्टियां अपने कुनबे को बगावत और सेंधमारी से बचा पाएंगी?
जयपुर के बस्सी स्थित रिसॉर्ट में कांग्रेस प्रत्याशियों ने दिनभर क्रिकेट खेलकर और एक-दूसरे से परिचय कर समय बिताया। शाम को पार्टी के जयपुर शहर अध्यक्ष सुनील शर्मा, विधायक रफीक खान, अमीन कागजी, रोहित बोहरा, विक्रम सिंह शेखावत और पुष्पेंद्र भारद्वाज रिसॉर्ट पहुंचे। नेताओं ने उम्मीदवारों के साथ लंबी बैठक की और मतगणना की बारीकियों पर चर्चा की।
कांग्रेस की बैठक में आलाकमान ने अपने सभी उम्मीदवारों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वे किसी भी तरह के बाहरी दबाव या आर्थिक प्रलोभन के झांसे में न आएं। पार्टी नेताओं का दावा है कि जयपुर में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाने जा रही है। कांग्रेस नेता पुष्पेंद्र भारद्वाज के अनुसार, मतगणना के दौरान सभी प्रत्याशी एक साथ काउंटिंग सेंटर पहुंचेंगे और जीत का प्रमाणपत्र लेने के बाद सीधे वापस होटल आएंगे, जहां आगे की रणनीति तय होगी।
दूसरी तरफ, बगरू के होटल में ठहरे BJP के करीब 50 प्रत्याशियों के लिए धार्मिक फिल्म 'हनुमान अंश' की स्पेशल स्क्रीनिंग रखी गई। दिनभर चुनावी तनाव दूर करने के लिए प्रत्याशियों ने अंताक्षरी खेली। विद्याधर नगर क्षेत्र के 22 अन्य उम्मीदवारों को भी इसी रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है।
भाजपा खेमे में भी बड़े नेताओं की आवाजाही लगातार जारी है। प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी और शहर अध्यक्ष अमित गोयल ने प्रत्याशियों से व्यक्तिगत संवाद किया। इसके बाद वरिष्ठ विधायक कालीचरण सराफ और सांसद मंजू शर्मा ने भी उम्मीदवारों से मुलाकात की। कालीचरण सराफ ने दावा किया कि जयपुर में BJP को 90 से 100 वार्डों में जीत मिलेगी और मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस का खाता भी नहीं खुलेगा।
दोनों ही दलों की सबसे बड़ी चिंता बहुमत के आंकड़े से 2-4 सीटें कम रहने की स्थिति को लेकर है। यही कारण है कि जीत का प्रमाणपत्र मिलते ही प्रत्याशियों को दोबारा बसों में बैठाकर गुप्त ठिकानों पर ले जाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। अगर किसी निकाय में त्रिशंकु (Hanging Board) की स्थिति बनती है, तो निर्दलीयों को साथ लाने और अपने पार्षदों को टूटने से बचाने की पूरी कमान प्रदेश स्तर के दिग्गज नेताओं के हाथों में रहेगी।