
Rajasthan Nikay Elections : राजस्थान में निकाय चुनाव को लेकर सरकार दोहरा रुख अपना रही है। एक ओर सरकार ने सभी जिला कलक्टरों को 20 जुलाई तक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का सर्वे पूरा कराने के निर्देश दिए हैं, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट से चुनाव के लिए और समय मांगने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इसके लिए स्वायत्त शासन विभाग को आवश्यक तैयारी करने के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, राजस्थान सरकार अदालत में यह दलील दे सकती है कि ओबीसी आरक्षण से संबंधित सर्वे की प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सर्वे पूरा होने और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण तय करने के बाद ही चुनाव कराए जा सकते है। इसी आधार पर अक्टूबर से दिसंबर के बीच चुनाव कराने के लिए अतिरिक्त समय मांगा जा सकता है। सरकार ने हाल ही में सभी जिला कलक्टरों को 20 से 25 दिन में ओबीसी सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
यह जानकारी ओबीसी आयोग के पास जाएगी। इसके बाद सर्वे के आंकड़ों का परीक्षण कर आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। प्रदेश के सभी नगर निगम, परिषद और पालिकाओं में प्रशासक नियुक्त है। कई निकाय तो पिछले करीब 2 वर्ष से निर्वाचित बोर्ड के बजाय प्रशासकों के माध्यम से संचालित हो रहे हैं।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने पिछले दिनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कलक्टरों की मीटिंग ली थी, जिसमें उन्होंने मौखिक रूप से 25 दिन में सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए। यह मियाद 20 जुलाई को पूरी होगी।
अनुसूचित जाति (एससी) के लिए 1795 और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए 399 वार्ड पहले ही आरक्षित किए जा चुके हैं। एससी वर्ग के 552 और एसटी वर्ग के 161 अतिरिक्त वार्ड बढ़े हैं।
प्रदेश में कुल 309 नगरीय निकायों के 10245 वार्डों में चुनाव होने हैं। इनमें 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद, 19 द्वितीय श्रेणी नगर पालिका, 58 तृतीय श्रेणी नगरपालिका और 175 चतुर्थ श्रेणी नगरपालिका शामिल है। जयपुर संभाग में सबसे अधिक 91 निकाय और 2970 वार्ड है, जबकि कोटा और उदयपुर संभाग में 28-28 निकाय है।
जिला परिषद 41, पंचायत समिति- 457, ग्राम पंचायत 14403 (इनमें 12 जिला परिषद और 130 पंचायत समितियों का कार्यकाल सितम्बर से दिसम्बर 2026 के बीच पूरा हो रहा है)
हाईकोर्ट ने सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को पंचायत और निकाय चुनाव 31 जुलाई तक कराने के आदेश दिए हुए हैं। सरकार ने आयोग को आरक्षित सीटों की अधिकारिक जानकारी देने के लिए दिसंबर तक का समय मांगा था।