
Rajasthan Panchayat and Nikay Chunav 2026: जयपुर। राजस्थान में नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों की घोषणा से पहले भाजपा ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी है। वहीं, कांग्रेस अगले महीने से चुनावी तैयारियां तेज करेगी। बीजेपी ने शनिवार को सातों संभागों के लिए संभागीय चुनाव संचालन समितियों का गठन कर दिया। प्रत्येक संभाग में तीन-तीन वरिष्ठ नेताओं को जिम्मेदारी देकर चुनावी रणनीति, संगठन के समन्वय और स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रबंधन की कमान सौपी गई है।
समिति में सांसद, पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक और संगठन के अनुभवी नेताओं को शामिल किया गया है। माना जा रहा है किन भाजपा ने निकाय और पंचायत चुनाव को राजस्थान विधानसभा चुनाव की तरह गंभीरता से लेते हुए अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारने का फैसला किया है।
जयपुर- घनश्याम तिवाड़ी, प्रभुलाल सैनी, लालचंद कटारिया
जोधपुर- ओंकार सिंह लखावत, सी.आर. चौधरी, हेमराज मीणा
भरतपुर- अरुण चतुर्वेदी, हरीराम रिणवा, शंकर सिंह राजपुरोहित
कोटा- सी.पी. जोशी, अर्जुनलाल मीणा, अजीत मेहता
अजमेर- अशोक परनामी, ज्योति मिर्धा, देवजी पटेल
उदयपुर- राजेन्द्र राठौड़, नारायण पंचारिया, जसकौर मीणा
बीकानेर- मुकेश दाधीच, जसवंत सिंह विश्नोई, संतोष अहलावत
(इनमें लखावत धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष, चौधरी किसान आयोग के अध्यक्ष, चतुर्वेदी वित्त आयोग के अध्यक्ष और विश्नोई जीव कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हैं)
वहीं, राजस्थान कांग्रेस ने भी आगामी पंचायत और निकाय चुनावों की तैयारियां तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि पार्टी चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार है और अगस्त के पहले सप्ताह से संगठनात्मक गतिविधियों को गति दी जाएगी। डोटासरा ने बताया कि प्रदेशभर में नगर कांग्रेस समितियों, जिला कांग्रेस समितियों और संबंधित ब्लॉक कांग्रेस समितियों की बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों में चुनावी रणनीति, संगठन की मजबूती और स्थानीय स्तर पर पार्टी की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जिलों के प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं और आमजन से सीधे संवाद करेंगे। स्थानीय स्तर पर मिलने वाले सुझाव, राजनीतिक माहौल और संगठन की स्थिति का फीडबैक एकत्र कर प्रदेश नेतृत्व को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसी आधार पर आगे की चुनावी रणनीति और संगठनात्मक जिम्मेदारियां तय की जाएंगी। प्रदेश कांग्रेस का मानना है कि जमीनी स्तर से मिले फीडबैक के आधार पर चुनावी तैयारियों को और प्रभावी बनाया जाएगा। पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी फोकस किया जा रहा है।