Rajasthan Open School Rejection: राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल में इस बार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आवेदन फार्म निरस्त होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को इसकी जानकारी तब मिली, जब वे परीक्षा के लिए परमिशन लेटर लेने पहुंचे।
Rajasthan Open School Rejection: राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल में इस बार बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के आवेदन फार्म निरस्त होने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को इसकी जानकारी तब मिली, जब वे परीक्षा के लिए परमिशन लेटर लेने पहुंचे। आंकड़ों के अनुसार 10वीं के 8,313 और 12वीं के 5,809 सहित कुल 14,122 आवेदन फार्म रिजेक्ट किए गए हैं। ये आवेदन जन्मतिथि, जन्म प्रमाण पत्र और आधार कार्ड में नाम के मिसमैच जैसी त्रुटियों के कारण खारिज किए गए।
मंगलवार को बड़ी संख्या में विद्यार्थी शिक्षा संकुल पहुंचकर अधिकारियों के चक्कर काटते नजर आए। विद्यार्थियों ने संस्थान की सूचना व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते स्पष्ट जानकारी दी जाती तो वे दस्तावेजों में सुधार कर सकते थे और उनका साल खराब नहीं होता।
विद्यार्थियों की पीड़ा
केस-1: कम से कम एक फोन कर देते
परमिशन लेटर निकलवाने पहुंची तो पता चला कि फार्म रिजेक्ट हो चुका है। जनआधार और 10वीं की मार्कशीट में मम्मी का नाम एक जगह सीमा और दूसरी जगह 'सीमा देवी' है। कोई फोन तक नहीं आया।
आरती डोबी, 12वीं की छात्रा
केस-2: पिता का सरनेम मिसमैच, साल दांव पर
जाति प्रमाण पत्र में पिता का नाम रामवतार खटीक और आठवीं की मार्कशीट में रामवतार चंदेल दर्ज है। ऐसे में मेरा फार्म निरस्त कर दिया गया। एक गलती के कारण साल दांव पर लग रहा है।
शिवानी चंदेल, 12वीं की छात्रा
केस 3: बहुत गुहार लगाई, अधिकारी नहीं मान रहे
बेटा 10वीं की परीक्षा दे रहा है, उसका नाम रिजेक्ट सूची में देखकर अधिकारियों से काफी गुहार लगाई है, लेकिन कोई नहीं मान रहा। फीस लौटाने के लिए भी मना कर दिया है।
अजय कुमार सैनी, अभिभावक
स्ट्रीम वन के आवेदन में बच्चों ने गलत जन्मतिथि, मिसमैच नाम के दस्तावेज लगाए हैं। जिन बच्चों की दस्तावेजों में त्रुटि थी। उन्हें मोबाइल पर मैसेज कर सूचना दी थी। अपील का मौका भी दिया, लेकिन कई विद्यार्थियों ने समय पर सुधार नहीं किया। 77 हजार से अधिक बच्चों के आवेदन सही आए हैं।
अरुणा शर्मा, सचिव राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल