
जयपुर। तीसरे चरण का पंचायत चुनाव कराने गए मतदान दलों के लौटने के साथ ही शुक्रवार को 16 जिलों में मतदान का कार्य पूरा हो गया। शनिवार से चुनाव में दीपावली ब्रेक आ गया है। 13 नवम्बर को चौथे चरण के लिए मतदान दलों की रवानगी के साथ ही चुनावी रंग फिर जमेगा। इस अंतिम चरण में 25 जिला परिषदों व 116 पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए 14 नवम्बर को एवं 3747 ग्राम पंचायतों में वार्ड पंच व सरपंच के लिए 16 नवम्बर को मतदान होगा।
इस बीच शुक्रवार को चौथे चरण की 116 पंचायत समितियों के 2133 वार्डों में 1754 प्रत्याशियों ने नाम वापस ले लिया और 11 वार्डों में निर्विरोध निर्वाचन हो गया। इन पंचायत समितियों के सदस्यों के लिए 7521 प्रत्याशी चुनाव मैदान में रह गए है। चौथे चरण के चुनाव से पहले दीपावली है। इसके चलते इस बार गांवों में त्योहार पर चुनावी रंग दिखाई देगा।
इससे गांवों में त्योहार पर अधिक रौनक रहेगी, वहीं त्योहार पर घर आने वालों से मतदान तक रुकने की मनुहार की जा रही है। चौथे चरण की चुनाव प्रक्रिया मतदान दलों की रवानगी के साथ 13 नवम्बर को शुरू होगी, 17 नवम्बर को उपसरपंच निर्वाचन के साथ अंतिम चरण का चुनाव पूरा हो जाएगा।
प्रदेश की सभी जिला परिषदों व पंचायत समितियों के सदस्यों के नतीजे 20 नवम्बर को आएंगे। इस बार चार चरण में चुनाव हुआ, जिसकी शुरुआत 22 अक्टूबर को पहले चरण के मतदान से हुई। चारों ही चरणों में वार्ड पंचों, सरपंचों व उपसरपंचों के निर्वाचन की घोषणा मतदान के दिन ही हो गई।
पंचायत चुनाव के तीसरे चरण के चुनाव परिणामों में बांसवाड़ा जिले की आनंदपुरी पंचायत समिति क्षेत्र में कई चौंकाने वाले नतीजे सामने आए। पूर्व कैबिनेट मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया के करीबी माने जाने वाले परिवारों को इस बार हार का सामना करना पड़ा। छाजा ग्राम पंचायत में करीब 30 वर्षों से प्रभाव रखने वाले हरिशंकर देवतरा के परिवार की गीता देवी को तुलसी देवी ने 530 मतों से हराया। गीता देवी लगातार तीन बार सरपंच रह चुकी थीं। वहीं टामटिया ग्राम पंचायत में करीब 25 वर्षों से प्रभाव रखने वाले हकरिया कलासुआ के परिवार को भी चुनाव में हार मिली।