
जयपुर। पंचायतीराज चुनाव की घोषणा से पहले संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार कराने के कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा पलटवार किया है। राठौड़ ने कांग्रेस के आरोपों को भ्रम फैलाने का प्रयास बताया और कहा कि भाजपा को संभावित उम्मीदवारों की सूची जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी के सहारे की कोई जरूरत नहीं है।
बता दें कि कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर सरकारी मशीनरी के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दावा किया कि सरकार जिलों के अधिकारियों से संभावित पंचायतीराज चुनाव उम्मीदवारों की सूची तैयार करवा रही है। हालांकि, भाजपा ने जूली के आरोपों को भ्रम फैलाने वाला बताया है।
जूली ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो व टेक्स्ट पोस्ट में सवाल उठाया कि जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्यों के संभावित उम्मीदवारों की जानकारी किस उद्देश्य से मांगी जा रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि इस तरह की जानकारी की आपको क्या जरूरत है? क्या यह सरकारी काम है? आप सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग क्यों कर रहे है? मुख्यमंत्री कार्यालय में बैठे वे कौन अधिकारी है, जो इस तरह के आदेशों की पालना करवाने में जुटे हैं। जूली ने इस मामले में राज्य निर्वाचन आयोग से दखल देने की मांग की है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार पंचायत चुनाव से पहले संभावित प्रत्याशियों का डेटा जुटा रही है। सोशल मीडिया पर जिला कलक्टर का पत्र पोस्ट करते हुए उन्होंने कहा कि सीएमओ में बैठे अधिकारी सत्ता के अहंकार में ऐसे आदेश जारी करवा रहे हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से मामले की जांच की मांग करते हुए पूछा कि संभावित जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों की सूची किसने और किस उद्देश्य से मांगी।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा के आरोपों के बाद भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस झूठ के सहारे भ्रम फैलाने क असफल प्रयास कर रही है। भाजपा को संभावित उम्मीदवारों की सूची जुटाने के लिए सरकारी मशीनरी का सहारा लेने की कोई जरूरत नहीं है। पार्टी के पास अपना मजबूत संगठनात्मक नेटवर्क है।