
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। राज्य निर्वाचन आयोग की जयपुर में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में चुनाव कार्यक्रम जारी किया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह ने चुनाव कार्यक्रम की घोषणा करते हुए पूरे कार्यक्रम की जानकारी दी।
इस दौरान आयोग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। चुनाव कार्यक्रमों की इस औपचारिक घोषणा के साथ ही पूरे ग्रामीण राजस्थान में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है, जिसके चलते सरकारी तबादलों और नई नीतिगत घोषणाओं पर रोक लग गई। बता दें कि अदालती आदेशों को ध्यान में रखते हुए आयोग को अपनी पूरी चुनावी प्रक्रिया को 15 नवंबर से पहले हर हाल में पूरी करनी है।
• पंचायत समिति सदस्यों के नाम निर्देशन हेतु समय सारणी
| क्र.स. | कार्य का विवरण | प्रथम चरण | द्वितीय चरण | तृतीय चरण | चतुर्थ चरण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | निर्वाचन की लोकसूचना जारी करने की तिथि | 08.10.2026 (गुरुवार) | 13.10.2026 (मंगलवार) | 19.10.2026 (सोमवार) | 31.10.2026 (शनिवार) |
| 2 | नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि | 13.10.2026 (मंगलवार) अपराह्न 3:00 बजे तक | 16.10.2026 (शुक्रवार) अपराह्न 3:00 बजे तक | 23.10.2026 (शुक्रवार) अपराह्न 3:00 बजे तक | 04.11.2026 (बुधवार) अपराह्न 3:00 बजे तक |
| क्र.स. | कार्य का विवरण | प्रथम चरण | द्वितीय चरण | तृतीय चरण | चतुर्थ चरण |
|---|---|---|---|---|---|
| 3 | नाम निर्देशन पत्रों को प्रस्तुत करने का समय | पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक | पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक | पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक | पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक |
| 4 | नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा की तिथि एवं समय | 14.10.2026 (बुधवार) प्रातः 11:00 बजे से | 17.10.2026 (शनिवार) प्रातः 11:00 बजे से | 24.10.2026 (शनिवार) प्रातः 11:00 बजे से | 05.11.2026 (गुरुवार) प्रातः 11:00 बजे से |
| 5 | नाम वापसी की अंतिम तिथि एवं समय | 15.10.2026 (गुरुवार) अपराह्न 3:00 बजे तक | 19.10.2026 (सोमवार) अपराह्न 3:00 बजे तक | 26.10.2026 (सोमवार) अपराह्न 3:00 बजे तक | 06.11.2026 (शुक्रवार) अपराह्न 3:00 बजे तक |
| 6 | चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं अभ्यर्थियों की सूची प्रकाशन | 15.10.2026 (गुरुवार) नाम वापसी के तुरंत बाद | 19.10.2026 (सोमवार) नाम वापसी के तुरंत बाद | 26.10.2026 (सोमवार) नाम वापसी के तुरंत बाद | 06.11.2026 (शुक्रवार) नाम वापसी के तुरंत बाद |
| क्र.स. | कार्य का विवरण | प्रथम चरण | द्वितीय चरण | तृतीय चरण | चतुर्थ चरण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | निर्वाचन की लोकसूचना जारी करने की तिथि | 08.10.2026 (गुरुवार) | 13.10.2026 (मंगलवार) | 19.10.2026 (सोमवार) | 31.10.2026 (शनिवार) |
| 2 | नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने की तिथि | 24.10.2026 (शनिवार) | 30.10.2026 (शुक्रवार) | 05.11.2026 (गुरुवार) | 15.11.2026 (रविवार) |
| 3 | नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने का समय | प्रातः 08:00 बजे से पूर्वाह्न 11:00 बजे तक | |||
| 4 | नाम निर्देशन पत्रों की संवीक्षा का समय | पूर्वाह्न 11:30 बजे से | |||
| 5 | नाम वापसी का समय | अपराह्न 02:00 बजे तक | |||
| 6 | चुनाव प्रतीकों का आवंटन एवं सूची प्रकाशन | अपराह्न 02:00 बजे के तुरन्त पश्चात् |
| क्र.स. | कार्य का विवरण | प्रथम चरण | द्वितीय चरण | तृतीय चरण | चतुर्थ चरण |
|---|---|---|---|---|---|
| 1 | मतदान दलों का प्रस्थान / पहुँच | 22.10.2026 (गुरुवार) | 28.10.2026 (बुधवार) | 03.11.2026 (मंगलवार) | 13.11.2026 (शुक्रवार) |
| 2 | मतदान की तिथि एवं समय (जिला परिषद एवं समिति सदस्य) | 23.10.2026 (शुक्रवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 | 29.10.2026 (गुरुवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 | 04.11.2026 (बुधवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 | 14.11.2026 (शनिवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 |
| 3 | पंच/सरपंच पद हेतु नामांकन प्रक्रिया की तिथि | 24.10.2026 (शनिवार) | 30.10.2026 (शुक्रवार) | 05.11.2026 (गुरुवार) | 15.11.2026 (रविवार) |
| 4 | मतदान की तिथि एवं समय (पंच/सरपंच पद हेतु) | 25.10.2026 (रविवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 | 31.10.2026 (शनिवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 | 06.11.2026 (शुक्रवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 | 16.11.2026 (सोमवार) प्रातः 7:00 से सायं 6:00 |
| 5 | मतगणना (पंच/सरपंच पद हेतु ग्राम पंचायत मुख्यालय पर) | 25.10.2026 (रविवार) मतदान समाप्ति के तुरंत बाद | 31.10.2026 (शनिवार) मतदान समाप्ति के तुरंत बाद | 06.11.2026 (शुक्रवार) मतदान समाप्ति के तुरंत बाद | 16.11.2026 (सोमवार) मतदान समाप्ति के तुरंत बाद |
| 6 | उपसरपंच का चुनाव | 26.10.2026 (सोमवार) | 01.11.2026 (रविवार) | 07.11.2026 (शनिवार) | 17.11.2026 (मंगलवार) |
| 7 | जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों की मतगणना | 20.11.2026 (शुक्रवार) प्रातः 8:00 बजे से मतगणना समाप्ति तक (समस्त चरणों हेतु) | |||
| 8 | जिला प्रमुख के चुनाव की तिथि | 25.11.2026 (बुधवार) | |||
| 9 | उप जिला प्रमुख के चुनाव की तिथि | 26.11.2026 (गुरुवार) | |||
| 10 | प्रधान के चुनाव की तिथि | 27.11.2026 (शुक्रवार) | |||
| 11 | उप प्रधान के चुनाव की तिथि | 28.11.2026 (शनिवार) |
नोटः- जिला परिषद बारां, श्रीगंगानगर, करौली एवं कोटा के प्रमुख/उपप्रमुख तथा इनमें सम्मिलित पंचायत समितियों के प्रधान एवं उपप्रधान का पंचवर्षीय कार्यकाल दिसम्बर, 2026 में पूर्ण होगा। अतः उक्त पदों के आम चुनावों की तिथियों का निर्धारण पृथक से किया जायेगा।
आयोग द्वारा मतदान का समय प्रातः 7:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक नियत किया गया है। सायं 06 बजे तक मतदान केन्द्र परिसर के अन्दर पहुँच चुके मतदाताओं को पंक्तिबद्ध करके मतदान करवाया जायेगा।
मतदान दिवस पर मतदान भवन के समीप मतदाताओं की सहायता के लिए मतदाता सहायता केन्द्र (Voter Assistance Booth) स्थापित करने हेतु आयोग के पत्रांक 9326 दिनांक 24.09.2026 द्वारा निर्देश प्रदान किये गये है। इन केन्द्रों पर बूथ लेवल अधिकारी स्तर के कार्मिक नियुक्त किए जायेंगे। नवीन परिसीमन के कारण वार्डों की सीमाओं एवं मतदान केन्द्रों में हुए परिवर्तन के दृष्टिगत स्थापित किए गए मतदाता सहायता केन्द्र (Voter Assistance Booth) के माध्यम से मतदाताओं को मतदाता सूची में उनके क्रमांक एवं बूथ संबंधी जानकारी उपलब्ध कराई जायेगी।
पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन संपादित करवाने हेतु मतदान, मतगणना एवं अन्य कार्यों के लिए समस्त चरणों में लगभग 3,17,688 कार्मिकों को नियोजित किया जायेगा। आयोग द्वारा मतदान एवं मतगणना दलों के गठन हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को कार्मिकों के रेण्डमाईजेशन (Randomization) का कार्य NIC के द्वारा सॉफ्टवेयर के माध्यम से करवाए जाने के निर्देश प्रदान किए गए है। इस सॉफ्टवेयर के माध्यम से कार्मिकों का रेण्डमाईजेशन करके मतदान एवं मतगणना दलों का गठन किया जाएगा। मतदान दलों को द्विस्तरीय प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा।
चुनाव के दौरान कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने तथा शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न करवाने के लिए पुलिस बल को नियोजित किए जाने हेतु तैयार कार्य योजना के अन्तर्गत पंचायतीराज संस्थाओं के विभिन्न चरणों में सम्पादित होने वाले चुनावों के लिए लगभग 2,72,304 पुलिस बल नियोजित किया जाएगा।
पंचायतीराज संस्थाओं के विभिन्न चरणों में होने वाले चुनावों के लिए मतदान, मतगणना एवं अन्य चुनाव संबंधी कार्यों के पर्यवेक्षण हेतु प्रत्येक जिले में आवश्यकतानुसार एक या अधिक पर्यवेक्षकों को नियोजित किया जायेगा। ये पर्यवेक्षक भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ एवं चयनित वेतन श्रृंखला तथा राजस्थान प्रशासनिक सेवा के सुपर टाईम स्केल या इससे उच्चतर वेतन श्रृंखला के अधिकारी होंगे। चुनाव स्वतंत्र एवं निष्पक्ष रूप से संपन्न हो सकें, इस हेतु पर्यवेक्षकों द्वारा चुनाव के प्रत्येक स्तर के साथ मुख्य रूप से नामांकन पत्रों की संवीक्षा, मतदान एवं मतगणना कार्य का पर्यवेक्षण किया जाएगा।
आयोग मुख्यालय एवं जिला स्तर पर चुनाव की घोषणा के साथ ही चुनाव कार्य से संबंधित सूचनाओं के आदान-प्रदान एवं चुनाव संबंधी जानकारी प्राप्त करने तथा आमजन से प्राप्त शिकायतों पर त्वरित कार्यवाही करने के लिए चुनाव नियन्त्रण कक्ष स्थापित किया जाएगा। यह नियन्त्रण कक्ष 24x7 (रात-दिन) लगातार कार्यशील रहेगा। आयोग में नियन्त्रण कक्ष क्रियान्वित है, जिसका दूरभाष नं. 0141-2227407 है।
नामांकन पत्र प्रस्तुत करते समय रिटर्निंग अधिकारी / सहायक रिटर्निंग अधिकारी के कार्यालय में अधिकतम 05 लोग (उम्मीदवार सहित) ही अनुमत होंगे। साथ ही नामांकन के दौरान उम्मीदवार को किसी भी तरह की रैली के आयोजन की अनुमति नहीं होगी तथा रिटर्निंग अधिकारी / सहायक रिटर्निंग अधिकारी कार्यालय के 100 मीटर की सीमा में उम्मीदवार को जिला परिषद सदस्य के लिए अधिकतम तीन, पंचायत समिति सदस्य के लिए अधिकतम दो एवं सरपंच पद के लिए अधिकतम एक गाड़ी लाने की अनुमति होगी। साथ ही निर्वाचित प्रमुख/उपप्रमुख/प्रधान/उपप्रधान / पंचायत समिति एवं जिला परिषद सदस्यों तथा पंच / सरपंच के द्वारा निर्वाचन के परिणाम के पश्चात् विजय जुलूस निकाले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
चुनाव लडने वाले अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव के दौरान वाहनों एवं लाउडस्पीकरों के उपयोग, कट आउटों, होर्डिंग्स, पोस्टर एवं बैनरों के प्रदर्शन व इनसे संबंधित अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए आयोग के आदेश क्रमांक 5052 दिनांक 23.12.2025 द्वारा प्रतिबंध अधिरोपित किए गए हैं।
उक्त आदेश के क्रम में लाउडस्पीकर के उपयोग के लिए जिला मजिस्ट्रेट या उपखण्ड मजिस्ट्रेट या अन्य सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति प्राप्त करनी आवश्यक होगी एवं इसका प्रयोग रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। अभ्यर्थियों के द्वारा निर्वाचन में प्रचार के लिए वाहनों की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है।
इस आदेश में चुनाव के लिए इन मदों पर खर्च की सीमा में वृद्धि की गई है। इससे पूर्व खर्च की सीमा आयोग द्वारा वर्ष 2019 में निर्धारित की गई थी, जिसे परिवर्तित कर निम्नानुसार निर्धारित किया गया हैं। इस खर्च का पूर्ण विवरण परिणामों की घोषणा के 15 दिवस के भीतर विहित प्रारूप में संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या उसके द्वारा प्राधिकृत अधिकारी को प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
| क्रम संख्या | पद का नाम | अधिकतम चुनाव खर्च सीमा |
|---|---|---|
| 1. | जिला परिषद सदस्य के लिए | रूपये 3,00,000/- |
| 2. | पंचायत समिति सदस्य के लिए | रूपये 1,50,000/- |
| 3. | सरपंच के लिए | रूपये 1,00,000/- |
राजस्थान राजपत्र अधिसूचना दिनांक 25.03.2026 के माध्यम से राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम, 1994 (1994 का अधिनियम संख्या 13) की धारा 19 में संशोधन करते हुए पंचायतीराज संस्थाओं के निर्वाचन हेतु संतान संबंधी प्रावधानों को हटा दिया गया है। उक्त में क्रम में आयोग के पत्रांक 4795 दिनांक 13.07.2026 द्वारा उक्त दिशा-निर्देश समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को प्रेषित किए गए है।
आयोग के आदेश क्रमांक 9022 दिनांक 18.09.2026 के माध्यम से दिव्यांग मतदाताओं की मैपिंग करने, प्रत्येक पंचायत समिति में दिव्यांग मतदाताओं की सहायता के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने, दिव्यांग मतदाताओं को मतदान के लिए मतदान बूथ तक लाने एवं छोड़ने तथा मतदान केन्द्र पर विशेष आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने हेतु समस्त जिला निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश प्रदान किये गये है। इसी प्रकार आयोग के आदेश 9605 दिनांक 29.09.2026 के माध्यम से वरिष्ठ नागरिक मतदाताओं के लिए भी विशेष सुविधा उपलब्ध करवाने हेतु भी दिशा-निर्देश जारी किये गये है।
चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में आदर्श आचरण संहिता के प्रावधान तुरन्त प्रभाव से लागू हो गए हैं, जो चुनाव प्रक्रिया समाप्ति तक लागू रहेगें।
संबंधित पंचायतीराज संस्थाओं में विभिन्न विभागों के विकास कार्य, जिनके कार्यादेश आचार संहिता के प्रभाव में आने से पूर्व ही जारी किए जा चुके है या जो विकास कार्य पूर्व से ही चल रहे हैं, वे सभी आचार संहिता से प्रभावित नहीं होंगे। नवीन निविदाएं, नवीन स्कीम, नवीन विकास कार्य एवं नवीन कार्यादेश आचार संहिता के लागू होने से पूर्णतया प्रतिबंधित रहेंगे।
ग्रामीण राजनीति में सामाजिक न्याय और सभी वर्गों के प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए सीटों के आरक्षण का खाका पहले ही तैयार किया जा चुका है।
सरपंच पद आरक्षण: सरपंच पदों के लिए एसटी (अनुसूचित जनजाति) के लिए 3,058, एससी (अनुसूचित जाति) के लिए 2,493 और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) के लिए 1,961 पद आरक्षित किए गए हैं। इसके अलावा बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में एसटी के सभी 1,253 सरपंच पद पूरी तरह आरक्षित रहेंगे।
वार्ड पंच आरक्षण: वार्ड पंचों के स्तर पर एससी के लिए 21,962, एसटी के लिए 19,117 और ओबीसी के लिए करीब 15,000 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
हाल ही में संपन्न हुए नगरीय निकाय चुनावों के तुरंत बाद आ रहे ये पंचायती राज चुनाव सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों के लिए राजनीतिक ताकत मापने का एक और बहुत बड़ा मंच बन गए हैं। गांवों की सरकार पर कब्जा जमाने के लिए इस बार मुख्य मुकाबलों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के अलावा सीपीआईएम (CPI-M), राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP), भारतीय आदिवासी पार्टी (BAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP), राष्ट्रीय लोक दल (RLD) और आम आदमी पार्टी (AAP) जैसे तमाम क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल भी अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।
जिला प्रमुख और प्रधान के पदों पर अधिकतम जीत हासिल करना सभी दलों के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। आचार संहिता लागू होने के साथ ही गांवों में राजनीतिक बैठकों और चुनावी सरगर्मी का दौर तेजी से शुरू हो गया है।