राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने बड़ा ऐलान किया है।
RajasthanPanchayat-Local Body Elections: राजस्थान में निकाय-पंचायत चुनाव को लेकर काफी दिनों से सुगबुगाहट तेज है। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा लगातार वन स्टेट-वन इलेक्शन की बात दोहराते आ रहे है। लेकिन, राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद आयोग सक्रिय हो गया है। मंगलवार को राज्य निर्वाचन आयुक्त मधुकर गुप्ता ने इस संबंध में बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए जल्द ही चुनाव कार्यक्रम जारी किया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि हाईकोर्ट का आदेश हमें आज प्राप्त हुआ है। अब हमारे पास जल्द चुनाव कराने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। उन्होंने कहा कि हम 2-3 दिन में चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर देंगे। फिलहाल वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत चुनाव करवाना संभव नहीं है।
हाईकोर्ट ने हाल ही में पंचायतीराज चुनाव समय पर नहीं कराने को लेकर सख्त नाराजगी जताई थी। अदालत ने संविधान के अनुच्छेद-243 ई और राजस्थान पंचायतीराज अधिनियम की धारा-17 का हवाला देते हुए कहा कि पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले ही चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी उम्मीद जताई कि सरकार इस दिशा में तुरंत कदम उठाएगी। इसके साथ ही कोर्ट ने बिना उचित प्रक्रिया के निलंबित किए गए पंचायत प्रशासकों को बहाल करने का आदेश दिया।
गौरतलब है कि यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कई मौकों पर वन स्टेट-वन इलेक्शन के तहत निकाय-पंचायत चुनाव करवाने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि 'भजनलाल सरकार ने राज्य में 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' मॉडल को लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। सरकार चाहती है कि प्रदेश में निकाय चुनाव अलग-अलग समय पर कराने की बजाय सभी एक साथ कराए जाएं।' लेकिन, राज्य निर्वाचन आयोग के ऐलान के बाद वन स्टेट-वन इलेक्शन मॉडल संभव नजर नहीं आ रहा है। हालांकि इस मामले में सरकार की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है।