
जयपुर/अजमेर।
राजस्थान में पेपर लीक प्रकरण में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एंट्री के बाद से हड़कंप और खलबली सी मची हुई है। दरअसल, ईडी अब इस चर्चित प्रकरण का दायरा बढ़ाते हुए इसकी तह तक जाने के 'मिशन' पर काम कर रही है। इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है कि ईडी ने आते ही पहले दिन से धड़ाधड़ छापे मारने शुरू कर दिए। जांच एजेंसी की कई टीमों ने आरोपियों और संदिग्धों के ठिकानों पर रेड मारकर सबूत जुटाए हैं और ऐसी कार्रवाई अभी जारी है।
इस बीच अब केंद्रीय जांच एजेंसी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग पर भी 'निगाह' रखना शुरू कर दिया है। आरपीएससी अध्यक्ष संजय कुमार श्रोत्रिय व पूर्व सचिव हरजीलाल अटल सहित अन्य 23 जनों को नोटिस जारी किए हैं। अब ईडी इनसे पूछताछ करेगी। आयोग अध्यक्ष श्रोत्रिय गुरुवार को अजमेर स्थित आयोग कार्यालय नहीं आए। माना जा रहा है शुक्रवार या शनिवार को श्रोत्रिय व अटल ईडी के समक्ष अपना पक्ष रख सकते हैं।
उधर, ईडी की टीम गुरुवार को पेपर लीक मामले की कार्रवाई पूरी कर दिल्ली रवाना हो गई। ईडी सूत्रों के अनुसार 12 जून से ईडी प्रदेश के दो नेताओं और कुछ अफसरों से दिल्ली तलब कर पूछताछ कर सकती है। एजेंसी ने इस मामले में पिछले तीन दिन में 36 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
200 करोड़ से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग!
सूत्रों की मानें तो ईडी टीम को पेपर लीक मामले में अब तक की कार्रवाई में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की मनी लॉन्ड्रिंग की आशंका है। छापेमारी में मिले दस्तावेज में कांग्रेस के दो बड़े नेताओं से संबंधित लिंक भी मिले हैं। ऐसे में इन नेताओं को सोमवार तक समन जारी हो सकता है। ईडी को आरपीएससी सदस्य बाबूलाल कटारा, फरार आरोपी सुरेश ढाका और सुरेश विश्नोई के घर से कई दस्तावेज मिले है, जिसके बाद ईडी ने इन सभी के घर-ऑफिस सीज कर दिए।
कई बड़े राजनेताओं को सता रहा डर
ईडी की अचानक रेड ने प्रदेश के कई बड़े अफसरों और राजनेताओं की नींद उड़ा दी है। हालांकि ईडी नोटिस देकर पूछताछ तो कर सकती है, लेकिन जब तक पेपर लीक के आरोपी सुरेश ढाका की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक इस कार्रवाई को अंजाम देना मुश्किल लग रहा है। ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि ढाका के ठिकानों से जो पेन ड्राइव, हार्ड disk और डिजिटल पेमेंट्स की रिसिप्ट बरामद हुई है, उसकी प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह काफी समय से देश से बाहर है।