जयपुर

पाई आेलम्पिक डे 2: गर्ल्स और बॉयज में देखने को मिला जबरदस्त उत्साह

एसएमएस स्टेडियम में होने वाले इस छह दिवसीय महोत्सव में 180 विद्यालयों के 13 हजार से ज्यादा विद्यार्थी हिस्सा ले रहे है...
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Updated: 7 Nov 2017, 4:48 PM IST
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जयपुर। राजस्थान पत्रिका की ओर से आयोजित पाई स्कूल ओलंपिक के दूसरे दिन शतरंज,जुड़ो,बास्केटबॉल,वॉलीबॉल सहित कई खेलों के मुकाबले हुए। इन खेलो में गल्र्स और ब्यॉज में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कोई टीम हार गई तो कोई जीत गई। जीतने वालो के चेहरे पर खुशी तो थी लेकिन हारने वाले भी मायूस नहीं थे। सभी विद्यालयों के खिलाडि़यों ने जीत के लिए दमखम लगा दिया तो उनके कोचेज ने भी मैदान क बाहर खिलाडि़यों को जमकर हौंसला आफजाई किया। आज सुबह साढ़े आठ बजे से एमएमएस स्टेडियम पर एथलेटिक्स सौ मीटर रेस, हाई जम्प,डिस्क्स थ्रो,जुड़ो,बैडमिंटन,बास्केटबॉल,टेबल टेनिस,हॉकी चैस हैंडबॉल, फुटबॉल,कबडड़ी खो-खो व वॉलीबॉल के मुकाबले एक साथ शुरू हुए।

आज इन खेलों में हुए मुकाबले
एथलेटिक्स- 100 मीटर रेस, हाई जम्प, डिस्कस थ्रो जूडो
बैडमिंटन
बास्केटबॉल
टेबल टेनिस
चैस
कबड्डी
वॉलीबॉल


हैंडबॉल में सुबह 8.30 बजे से न्यू इंडियन एकेडमी, जयश्री पेडिवाल, भवानी निकेतन, राजस्थान माध्यमिक स्कूल, विद्याश्रम और गवर्नमेंट स्कूल पीली की तलाई फुटबॉल में 9 से 12 बजे तक रावत पब्लिक, द कैम्ब्रिज, वेदांता, सुबोध, रूकमणी बिड़ला, कपिल ज्ञानपीठ फुटबॉल में 12 से 4 बजे, कैम्ब्रिज कोर्ट, श्रीअग्रसेन पब्लिक, सेंट मैरी कॉन्वेंट, विवेक टेक्नो, डॉल्फिन हाई, डिफेंस, आर्मी पब्लिक, ज्ञानविहार माईऑन खो खो में सुबह 8.30 बजे से केवी नं. 1, कैम्ब्रिज, अमरीकन इंटरनेशनल, अल्फाबीटा, माईओन, राजकीय उच्च माध्यमिक, आर्मी पब्लिक , एसआरएन इंटरनेशनल, इंडो भारत इंटरनेशनल, एलबीएस पब्लिक, कपिल ज्ञानपीठ, इंडिया इंटरनेशनल मुकाबले हुए ब्लू हेवन, ज्ञानविहार, जीनियस एकेडमी, टैगोर पब्लिक, सुबोध, मनीष स्क्ूल, सेंट विलियम, एम्बेसी मिलेनियम, एसआर ग्लोबल, इंडियन नेशनल, आर्मी, वेदांता के मुकाबले हुए साथ ही सेंट विलियम्स, एलबीएस, विवेक टेक्नो, भवानी निकेतन, जीडी गोयनका, ऑक्सफोर्ड इंटरनेशनल, विज्डम एकेडमी, इमानुअल के मुकाबले हुए।

इससे पहले पाई स्कूल ओलंपिक की शुरुआत सोमवार से हुई। एसएमएस स्टेडियम में होने वाले इस छह दिवसीय महोत्सव में 180 विद्यालयों के 13 हजार से ज्यादा विद्यार्थी हिस्सा ले रहे है। खेलो के लिए खिलाडि़यों को दो आयु वर्ग में बांटा गया है। जिसमें छठी से आठवीं तक के विद्यार्थी 14 साल आयु वर्ग में और 9वीं से 12 वीं तक के विद्यार्थी 18 साल आयुवर्ग में भाग ले रहे है। पत्रिका के इस पाई स्कूल आेलपिंक का उद्ेश्य स्कूल स्तर पर खिलाड़ी तैयार करना है। पाई स्कूल ओलंपिक्स में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर के अम्पायर और रैफरियों की निगरानी में मैच हुए।

पत्रिका की स्कूल स्तर पर ही खिलाड़ी तैयार करने की मुहिम एक बार फिर साकार होती नजर आई। जहां पर जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम के अलग अलग मैदानों पर दिन भर विद्यार्थी जीत के लिए दम खम लगाते नजर आए। कबड्डी के खेल में खासतौर गल्र्स का उत्साह जबरदस्त था।

मैदान पर कबड्डी खेलने उतरी गल्र्स ने कहा कि पहली बार पत्रिका के माध्यम से उन्हें एेसा मंच मिला है जिससे गल्र्स इतने बड़े प्लेटफॉर्म पर एक साथ खेलने को उतरी है। साथ ही कबड्डी गल्र्स ने जीत के बाद कहा कि उनका आगे बढऩे का कारवां यहां रूकेगा नहीं और जब तक वह खेलती रहेगी तक देश के लिए गोल्ड मैडल नहीं ले लेती। वही पाई ओलम्पिक से अर्जुन अवार्डी नवनीत गौतम जैसे खिलाडिय़ों को तैयार करने वाले सीनियर कोच राजनारायण शर्मा कबड्डी स्पद्र्धा के आयोजन की कमान संभालेंगे। राजनारायण प्रो कबड्डी लीग में बंगाल वॉरियर्स के कोच भी रहे हैं।

पाई ओलम्पिक के दौरान हॉकी में भी गजब का उत्साह देखने को मिला। एसएमएस स्टेडियम के टर्फ ग्राउंड पर आज सुबह से ही खिलाड़ी जीत के लिए जी तोड़ मेहनत करते हुए नजर आए। वही कोच व साथ खिलाड़ी मैदान के बाहर से खिलाडि़यों का उत्साहवद्र्धन करते नजर आए। इसके साथ ही खिलाडि़यों से गलती हुई तो कोचेज ने नसीहत भी दी। साथ ही हॉकी प्लयर्स ने भारत के इस राष्ट्रीय खेल के लिए देश का नाम रोशन करने और भारतीय महिला टीम की तरह की विश्वविजेता बनने का सपना संजोया। साथ ही इतना बड़ा खेलो के लिए प्लेटफॉर्म उपलब्ध करवाने के लिए पत्रिका को धन्यवाद दिया।

वही वॉलीबॉल ग्राउंड पर गल्र्स का स्मैश शॉट देखकर सभी दंग रह गए। साथ ही यहां खेल रही गल्र्स ने भी बातचीत में कहा कि इस मंच से पहली बार एक साथ इतनी बड़ी प्रतिस्पद्र्धा में खेलने का मौका मिला है। गल्र्स अब खेलों में आगे आने लगी है अब वह लड़को से किसी भी तरह से पीछे नहीं है। जीत हार उनके लिए मायने नही रखती लेकिन अब वह बॉयज के बराबर खेल रही है और समाज के एेसे लोग जो मानते थे कि गल्र्स कोई खेल नहीं खेल सकती इस तरह का खेलों के आयोजन में भाग लेना एेसे लोगो की मानसिकता पर प्रहार करना है।

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