जयपुर

Refinery: राजस्थान पेट्रो जोन को मिलेगी रफ्तार, 18 त्रिपक्षीय एमओयू से उद्योगों को नई दिशा

Petrochemical Industry: पचपदरा रिफाइनरी उद्घाटन से प्रदेश में पेट्रोकेमिकल क्रांति की शुरुआत। डाउनस्ट्रीम उत्पादों से बढ़ेगा निवेश और रोजगार, राजस्थान बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब।

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Apr 19, 2026
पचपदरा रिफाइनरी। फोटो: पत्रिका

Rajasthan Petro Zone: जयपुर. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की उपस्थिति में रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर बालोतरा स्थित राजस्थान पेट्रो जोन (RPZ) के विकास को गति देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। एचपीसीएल रिफाइनरी, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा विभिन्न औद्योगिक इकाइयों के बीच 18 त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन समझौतों का उद्देश्य पेट्रो जोन में स्थापित होने वाले उद्योगों को डाउनस्ट्रीम उत्पादों की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नरेन्द्र मोदी 21 अप्रैल को पचपदरा रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे, जो प्रदेश के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। उन्होंने बताया कि यह रिफाइनरी केवल ईंधन उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पेट्रोकेमिकल आधारित उद्योगों के विकास की आधारशिला भी बनेगी।

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मुख्यमंत्री ने बताया कि रिफाइनरी से निकलने वाले पॉलीप्रोपाइलीन, पॉलीथीन, बेंजीन, टोलुइन और ब्यूटाडाइन जैसे उत्पादों के आधार पर प्लास्टिक, फार्मा और ऑटोमोबाइल क्षेत्रों में नए उद्योग स्थापित होंगे। इससे स्थानीय उद्यमियों को सीधे कच्चा माल उपलब्ध होगा, जिससे उनकी उत्पादन लागत कम होगी और प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।

राजस्थान पेट्रो जोन का विकास तीन चरणों में

राजस्थान पेट्रो जोन का विकास तीन चरणों में किया जा रहा है। प्रथम चरण में 1022 हेक्टेयर क्षेत्र में से लगभग 30 हेक्टेयर भूमि विकसित की जा चुकी है और 86 में से 45 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। साथ ही 8 प्लग एंड प्ले फैक्ट्री शेड्स भी तैयार किए गए हैं, जिससे उद्योग तुरंत शुरू किए जा सकें।

द्वितीय चरण में 213 हेक्टेयर भूमि पर 257 नए भूखंड विकसित किए जाएंगे, जिनके लिए पर्यावरण स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं तृतीय चरण में लगभग 780 हेक्टेयर क्षेत्र का विस्तार प्रस्तावित है। इसके अलावा जेरला में भी एक नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा।

परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन

इस परियोजना से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई दिशा मिलेगी। डाउनस्ट्रीम उत्पादों से प्लास्टिक फर्नीचर, पैकेजिंग, ऑटो पार्ट्स, सिंथेटिक फाइबर, मेडिकल उपकरण और केमिकल उत्पादों का उत्पादन बढ़ेगा।

सरकार का लक्ष्य है कि इस ईको-सिस्टम के माध्यम से राजस्थान को एक मजबूत औद्योगिक और वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित किया जाए।

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Published on:
19 Apr 2026 08:10 pm
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