19 अप्रैल 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Mandi News: कृषि उपज मंडी समितियों में 21 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों को स्वीकृति

Rajasthan Mandi: इस स्वीकृति के तहत कृषि उपज मंडी समिति चौमहला (झालावाड़), कुचामन सिटी, बारां (विशिष्ट श्रेणी), कोटा (अनाज) और प्रतापगढ़ में मंडी यार्ड के निर्माण तथा विद्युत संबंधी कार्य कराए जाएंगे।

2 min read
Google source verification

जयपुर

image

Rajesh Dixit

Apr 19, 2026

Rajasthan Mandi Development: जयपुर. राजस्थान सरकार ने कृषि क्षेत्र को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रदेश की विभिन्न कृषि उपज मंडी समितियों में 21 करोड़ 26 लाख रुपए से अधिक लागत के विकास कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है।
यह निर्णय राज्य की कृषि विपणन व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

इस स्वीकृति के तहत कृषि उपज मंडी समिति चौमहला (झालावाड़), कुचामन सिटी, बारां (विशिष्ट श्रेणी), कोटा (अनाज) और प्रतापगढ़ में मंडी यार्ड के निर्माण तथा विद्युत संबंधी कार्य कराए जाएंगे। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य मंडियों में आधारभूत संरचना को मजबूत करना और किसानों तथा व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन में होगा सुधार

सरकार का मानना है कि मंडी यार्ड के निर्माण से कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और विपणन में सुधार होगा। वहीं विद्युत संबंधी कार्यों के जरिए मंडियों में रोशनी और अन्य आवश्यक सेवाएं बेहतर होंगी, जिससे व्यापारिक गतिविधियां अधिक सुचारू रूप से संचालित हो सकेंगी। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी और उन्हें बेहतर दाम मिलने की संभावना भी बढ़ेगी।

प्रदेश सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में निरंतर निवेश किए जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। मंडियों में आधुनिक सुविधाएं विकसित होने से किसानों का विश्वास बढ़ेगा और कृषि व्यापार को नई गति मिलेगी। यह कदम किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में भी सहायक सिद्ध होगा।

बिचौलियों की भूमिका कम

विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत मंडी ढांचा न केवल कृषि उत्पादों के बेहतर प्रबंधन में मदद करता है, बल्कि यह पूरे सप्लाई चेन को भी व्यवस्थित करता है। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होती है और किसानों को सीधे लाभ मिलता है।

कुल मिलाकर, 21.26 करोड़ रुपये के इन विकास कार्यों से राजस्थान की कृषि मंडियों में नई ऊर्जा का संचार होगा और यह पहल राज्य के कृषि क्षेत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।

मंडियों का आधारभूत ढांचा होगा मजबूत

राजस्थान सरकार द्वारा कृषि उपज मंडी समितियों में 21.26 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी देना एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम है। इससे न केवल मंडियों का आधारभूत ढांचा मजबूत होगा, बल्कि किसानों और व्यापारियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। मंडी यार्ड और विद्युत कार्यों के सुधार से कृषि उपज के भंडारण, परिवहन और बिक्री की प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी। यह पहल किसानों को उचित मूल्य दिलाने और उनकी आय बढ़ाने में सहायक साबित हो सकती है। यदि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, तो यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगा।