Rajasthan University scholars: पीएचडी स्कॉलर्स की फेलोशिप योजना बंद, गहलोत ने सरकार से की बहाली की मांग। कांग्रेस सरकार की शुरू की योजना पर विवाद।
PhD research fellowship schemeM¤ जयपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान विश्वविद्यालय सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों के पीएचडी रिसर्च स्कॉलर्स की फेलोशिप योजना को लेकर मौजूदा भाजपा सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि रविवार को पीएचडी शोधार्थियों ने शोध छात्रसंघ अध्यक्ष रामस्वरूप ओला के नेतृत्व में उनसे मुलाकात की और "रिसर्च फेलोशिप स्कीम फॉर पीएचडी स्टूडेंट्स स्कीम 2023" के संबंध में चर्चा की।
गहलोत ने बताया कि उनकी कांग्रेस सरकार ने नेट, स्लेट उत्तीर्ण किन्तु अन्य किसी फेलोशिप से वंचित पीएचडी स्कॉलर्स को 20,000 रुपए मासिक फेलोशिप तीन साल तक देने की योजना शुरू की थी। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस योजना को अघोषित रूप से बंद कर दिया है। कई शोधार्थियों ने उन्हें बताया कि उन्होंने इस योजना के भरोसे पर पीएचडी शुरू की थी, मगर अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों की जमा-पूंजी पूरी तरह से खर्च हो चुकी है और अब उनके लिए शहर में रहकर शोध कार्य करना मुश्किल हो गया है। गहलोत ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से आग्रह किया कि वे इस योजना को पुन: लागू करें और बजट घोषणा के अनुरूप फेलोशिप की राशि को बनाए रखें।