जयपुर

राजस्थान में पुलिस भर्ती परीक्षा के बारे में महत्वपूर्ण अपडेट, बस इतने घंटे बचे हैं अब.. ध्यान दें..

आपत्ति है तो वह इन 72 घंटों के दौरान अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है ताकि उसे प्रायोरिटी पर लिया जा सके। अफसरों का कहना है कि इस समय के बाद किसी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण शुरू कर दिए जाएंगे।
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Nov 14, 2020
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जयपुर
प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षा यानि पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की आंसर की जारी कर दी गई है और अब सिर्फ 72 घंटो यानि तीन दिनों के भीतर इनमें आपत्ति भी मांगी गई है। अगर किसी अभ्यर्थी को अपनी आंसर शीट में किसी तरह की आपत्ति है तो वह इन 72 घंटों के दौरान अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है ताकि उसे प्रायोरिटी पर लिया जा सके। अफसरों का कहना है कि इस समय के बाद किसी तरह की आपत्ति दर्ज नहीं की जाएगी और भर्ती प्रक्रिया के अगले चरण शुरू कर दिए जाएंगे। ताकि जल्द से जल्द पुलिस की भर्ती हो सके और प्रदेश की कानून व्यवस्था और ज्यादा दुरुस्त की जा सके। छह दिन में परीक्षा और परिणाम का सिलसिला पहली बार प्रदेश में किसी बड़ी भर्ती परीक्षा में देखने को मिल रहा है।


72 घंटे में आपत्ति दर्ज नहीं कराई तो नहीं ली जाएगी आपत्ति
अतिरिक्त महानिदेश भर्ती एवं प्रशिक्षण गोविंद गुप्ता ने बताया कि रात बारह बजे आंसर की डालने के बाद कोई भी आपत्ति आनलाइन दर्ज कराई जा सकेगी। उसके बाद किसी भी सूरत में आपत्ति दर्ज नहीं की जाएगी। गुप्ता ने बताया कि विभाग का यही उद्देश्य है कि भर्ती परीक्षा को जल्द से जल्द कराया जाए। पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने बताया कि परीक्षा के आयोजन और परिणाम तक पूरी सावधानी और सुरक्षा बरती गई है ताकि परीक्षा को लेकर कोई विवाद या रुकावट नहीं आए। आंसर की बारह नवम्बर की रात बारह बजे जारी कर दी गई है।

17 लाख 50 हजार ने किए थे परीक्षा को लेकर आवेदन
दरअसल पुलिस के पांच हजार पांच सौ पदों के लिए इसी महीने छह सात और आठ तारीख को आयोजित हुई परीक्षा के लिए 17 लाख 50 हजार से भी ज्यादा अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। लेकिन इस आवेदन के बाद परीक्षा केंद्रों तक 12 लाख 41 हजार अभ्यर्थी ही पहुंचे। तीन दिन में छह पारियों में इस परीक्षा को मोबाइल फोन जैमर की मदद से कराया गया। परीक्षा के दौरान 19 कोरोना पॉजिटिव और 14 कोरोना लक्षण वाले अभ्यर्थी भी परीक्षा देने पहुंचे थे। उनके लिए हर सेंटर पर आइसोलेशन रुप का बंदोबस्त भी किया गया था। करीब पांच सौ परीक्षा केंद्रों में प्रदेश भर में यह परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के लिए 13 हजार पांच सौ से भी ज्यादा कमरों का इस्तेमाल किया गया ताकि सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी तरह से पालना की जा सके। परीक्षा के दौरान प्रदेश भर से मिलाकर आठ केस पकडे गए। इन मामलों में उन लोगों को दबोचा गया जो परीक्षा में किसी दूसरे की जगह परीक्षा दे रहे थे, पेपर लीक करने के नाम पर रुपए लिए थे या फिर अन्य आपत्तिजनक काम कर रहे थे। अफसरों ने बताया कि पास जितने पद हैं उनसे करीब पांच गुना अभ्यर्थियों को भर्ती के अगले चरण में ले जाया जाएगा ।

Published on:
14 Nov 2020 10:05 am