
Rajasthan Congress Hisaab Mango Rally
जयपुर में सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार और जयपुर नगर निगम (JMC) के खिलाफ सोमवार को कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। जयपुर शहर की बदहाल व्यवस्था, चरमराती सड़कों और नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ कांग्रेस ने 'हिसाब मांगो रैली' का आयोजन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और जयपुर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील शर्मा के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी झड़प हुई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा।
प्रदर्शन की शुरुआत टोंक रोड स्थित नेहरू पैलेस से हुई। शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुनील शर्मा के आह्वान पर पार्टी कार्यकर्ता, पूर्व विधायक, ब्लॉक अध्यक्ष और पदाधिकारी एकत्रित हुए। गोविंद सिंह डोटासरा और टीकाराम जूली के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर पहुंच गया। गगनभेदी नारेबाजी के साथ हजारों कार्यकर्ताओं का यह काफ़िला जयपुर नगर निगम मुख्यालय का घेराव करने के लिए आगे बढ़ा। पूरी टोंक रोड पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया और चारों तरफ कांग्रेस के झंडे और बैनर ही नजर आ रहे थे।
नगर निगम मुख्यालय के बाहर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कई स्तर की मजबूत बैरिकेडिंग कर रखी थी। जैसे ही रैली बैरिकेड्स के पास पहुंची, आक्रामक कार्यकर्ताओं ने उसे तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया।
पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास आक्रामक तेवरों में नजर आए और बैरिकेड्स के ऊपर चढ़ गए। समर्थकों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उग्र होती भीड़ को पीछे धकेलने और निगम परिसर में घुसने से रोकने के लिए मौके पर मौजूद पुलिस बल ने वाटर कैनन चला दी। पानी की तेज बौछारों और पुलिस-कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी धक्का-मुक्की के दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। इस आपाधापी में एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता के घायल होने की खबर है, जिसे प्राथमिक उपचार दिया गया।
कांग्रेस नेताओं ने जयपुर की बदहाली का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए प्रदेश सरकार और नगर निगम प्रशासन को घेरा।
टूटी सड़कें और गड्ढे: मानसून के बाद शहर की प्रमुख सड़कों से लेकर कॉलोनियों की सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, लेकिन मरम्मत का काम ठप पड़ा है।
सफाई और सीवर व्यवस्था फेल: शहर में जगह-जगह जाम पड़ी सीवर लाइनें, उफनती नालियां और सड़कों पर लगे कचरे के ढेरों से आम जनता परेशान है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: नगर निगम के कामकाज में भारी वित्तीय अनियमितताओं, अवैध वसूली और टैक्स कलेक्शन में धांधली का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया।
कानून-व्यवस्था और स्ट्रीट लाइट्स: राजधानी में बढ़ते अपराध, फुटपाथों पर अवैध अतिक्रमण के कारण लगने वाले जाम और बंद पड़ी रोड लाइटों से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए।
कांग्रेस नेतृत्व ने चेतावनी दी है कि यदि जयपुर की मूलभूत समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा।
Updated on:
10 Aug 2026 03:57 pm
Published on:
10 Aug 2026 03:19 pm
