Mental Stress in Police: राजस्थान पुलिस में बढ़ते मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विधानसभा में गृह विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जनवरी 2021 से 6 जनवरी 2026 तक प्रदेश में 34 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने आत्महत्या की।
Mental Stress in Police: राजस्थान पुलिस में बढ़ते मानसिक तनाव और पारिवारिक परेशानियों की चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। विधानसभा में गृह विभाग की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि जनवरी 2021 से 6 जनवरी 2026 तक प्रदेश में 34 पुलिसकर्मियों और अधिकारियों ने आत्महत्या की।
मानसिक तनाव, पारिवारिक विवाद, घरेलू कलह, स्वास्थ्य समस्याएं और ड्यूटी का दबाव इसके प्रमुख कारण रहे। आत्महत्या करने वालों में कांस्टेबल से लेकर ASI और अन्य अधिकारी शामिल हैं। कई पुलिसकर्मियों ने फांसी लगाकर, खुद को गोली मारकर और जहर खाकर जान दी।
आत्महत्या करने वालों में पुलिस कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, एएसआइ और अन्य पुलिस अधिकारी शामिल हैं। सबसे अधिक मामले मानसिक तनाव और पारिवारिक परिस्थितियों से जुड़े पाए गए। कई मामलों में पुलिसकर्मियों ने फांसी लगाकर, खुद को गोली मारकर या जहर खाकर आत्महत्या की।
रिपोर्ट में सामने आया कि जैसलमेर, धौलपुर, जयपुर, बीकानेर, डूंगरपुर, उदयपुर, बूंदी और चित्तौड़गढ़ सहित कई जिलों में आत्महत्या के मामले दर्ज हुए। कुछ मामलों में स्वास्थ्य खराब रहने और मानसिक संतुलन बिगड़ने की बात भी सामने आई। वहीं कई पुलिसकर्मियों के बारे में बताया गया कि वे लंबे समय से पारिवारिक तनाव और अवसाद से गुजर रहे थे।
बूंदी पुलिस लाइन में तैनात एक कांस्टेबल ने ड्यूटी के दौरान सर्विस रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली, जबकि उदयपुर और जयपुर में कुछ पुलिसकर्मियों ने अपने घरों में फांसी लगाकर आत्महत्या की। रिपोर्ट के अनुसार कई मामलों में परिजन ने घरेलू तनाव और मानसिक दबाव की जानकारी दी है।
विधानसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में गृह विभाग ने बताया कि पुलिसकर्मियों में बढ़ते मानसिक तनाव को कम करने के लिए पुलिस मुख्यालय स्तर पर समय-समय पर बैठकें आयोजित की जाती हैं। जिलों में अधिकारियों को पुलिसकर्मियों के साथ संवाद करने और उनका मनोबल बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा महिला पुलिसकर्मियों के लिए अलग बैठकें आयोजित कर कार्यस्थल पर होने वाली समस्याओं के समाधान की कोशिश की जा रही है।
सरकार ने यह भी बताया कि पुलिसकर्मियों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर हेल्पलाइन सुविधा शुरू की गई है। पुलिस मुख्यालय की ओर से काउंसलिंग, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।