
राजस्थान में वकालत की पढ़ाई कर रहे छात्रों और युवा शोधार्थियों के लिए पुलिसिंग, आपराधिक कानून और पुलिस मुख्यालय के कामकाज को करीब से समझने का एक शानदार अवसर सामने आया है। महानिदेशक पुलिस (DGP) राजीव कुमार शर्मा के विशेष निर्देशों के तहत राजस्थान पुलिस मुख्यालय की अपराध शाखा ने विधि विश्वविद्यालयों और लॉ कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व शोधार्थियों के लिए अवैतनिक इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए आधिकारिक आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत योग्य और इच्छुक छात्र 11 दिसंबर 2026 तक अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
पुलिस मुख्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, चयनित अभ्यर्थियों का यह विशेष इंटर्नशिप कार्यक्रम 1 जनवरी 2027 से औपचारिक रूप से शुरू होगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य कानून की पढ़ाई कर रहे युवाओं को व्यावहारिक पुलिस अनुसंधान, अपराध जांच प्रक्रियाओं, साइबर अपराधों से निपटने की रणनीतियों और अदालती कार्यप्रणालियों का जमीनी अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में कानून के क्षेत्र में बेहतर योगदान दे सकें।
उप महानिरीक्षक पुलिस (DIG) अपराध शाखा दीपक भार्गव ने बताया कि इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए पात्रता मापदंड निर्धारित किए गए हैं। इसके अंतर्गत निम्नलिखित अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं:
एलएलबी छात्र: किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या लॉ कॉलेज से विधि स्नातक (3 वर्षीय या 5 वर्षीय एकीकृत पाठ्यक्रम) के अंतिम वर्षों में अध्ययनरत छात्र-छात्राएं।
एलएलएम छात्र: विधि स्नातकोत्तर (LLM) पाठ्यक्रम में अध्ययनरत छात्र।
विधि शोधार्थी: कानून के किसी भी विशेष विषय पर पीएचडी या रिसर्च कर रहे शोधार्थी।
आवेदकों का पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में दी गई सभी शैक्षणिक पात्रता और निर्धारित शर्तों को पूरा करना अनिवार्य होगा।
राजस्थान पुलिस ने इंटर्नशिप के आवेदन की पूरी प्रक्रिया को बेहद सुगम और डिजिटल बनाया है। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के इच्छुक विद्यार्थी घर बैठे मोबाइल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं:
आवेदन का माध्यम: राजस्थान पुलिस का आधिकारिक मोबाइल एप्लिकेशन 'राजकॉप सिटीजन ऐप' (RajCop Citizen App)।
अंतिम तिथि: 11 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
इंटर्नशिप से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश, नियम और शर्तें राजस्थान पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट (police.rajasthan.gov.in) पर उपलब्ध करा दी गई हैं। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि फॉर्म भरने से पहले विज्ञप्ति का ध्यानपूर्वक अध्ययन कर लें।
अपराध शाखा ने इस योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार और अधिक से अधिक प्रतिभावान छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राजस्थान व देश के कई प्रतिष्ठित विधि संस्थानों के प्राचार्यों और निदेशकों को आधिकारिक पत्र जारी किए हैं। जिन प्रमुख शिक्षण संस्थानों को पत्र भेजे गए हैं, उनमें शामिल हैं:
राजस्थान लॉ यूनिवर्सिटी फाइव ईयर कॉलेज, जयपुर
राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (NLU), जोधपुर
सिम्बायोसिस लॉ स्कूल, पुणे
मणिपाल यूनिवर्सिटी, जयपुर
एमिटी यूनिवर्सिटी, जयपुर
वनस्थली विद्यापीठ, निवाई (टोंक)
सुबोध लॉ कॉलेज, जयपुर
सेंट विल्फ्रेड कॉलेज ऑफ लॉ, जयपुर
कनोडिया स्कूल ऑफ लॉ फॉर वीमेन, जयपुर
संस्थानों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने-अपने परिसरों में अध्ययनरत पात्र छात्र-छात्राओं और शोधार्थियों को इस इंटर्नशिप कार्यक्रम के बारे में सूचित करें ताकि समय रहते अधिक से अधिक छात्र इसका लाभ उठा सकें।
विधि की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए कोर्ट-कचहरी और वकालत की सैद्धांतिक जानकारी हासिल करने के साथ-साथ पुलिस जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली को समझना बेहद फायदेमंद साबित होता है।
इस इंटर्नशिप के दौरान चयनित विद्यार्थियों को राजस्थान पुलिस मुख्यालय में अपराध शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों, साइबर विशेषज्ञों और लीगल टीमों के मार्गदर्शन में काम करने का मौका मिलेगा। इससे उन्हें पुलिस केस डायरी तैयार करने, साक्ष्यों के संकलन (Evidence Collection), एफआईआर (FIR) की प्रक्रिया और आपराधिक न्याय प्रणाली (Criminal Justice System) के व्यावहारिक पहलुओं को गहराई से सीखने में मदद मिलेगी।