राजस्थान पुलिस की विशेष 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' अब प्रदेश की महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा के लिए सादे कपड़ों और वर्दी में तैनात है, जिसका उद्देश्य छेड़छाड़ और अपराध पर लगाम लगाना है।
राजस्थान की गलियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर अब मनचलों की खैर नहीं है। राजस्थान पुलिस ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है। यह यूनिट न केवल वर्दी में, बल्कि सादे कपड़ों में भी भीड़भाड़ वाले इलाकों में तैनात है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना या छेड़छाड़ की स्थिति में तुरंत एक्शन लिया जा सके। पुलिस का साफ संदेश है— "डरें नहीं, आवाज उठाएं, आपकी सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।"
राजस्थान पुलिस की यह विशेष यूनिट जांबाज महिला पुलिसकर्मियों से बनी है। इनकी तैनाती स्कूल, कॉलेज, मॉल और मुख्य बाजारों में की गई है। इनकी खासियत यह है कि सादे कपड़ों में होने के कारण अपराधी इन्हें पहचान नहीं पाते और जैसे ही कोई छेड़छाड़ की कोशिश करता है, ये जांबाज उन्हें रंगे हाथों दबोच लेती हैं।
आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए राजस्थान पुलिस ने Rajcop Citizen App के जरिए सुरक्षा को और भी सुदृढ़ बनाया है।
अक्सर देखा जाता है कि सामाजिक लोक-लाज या डर के कारण महिलाएं शिकायत दर्ज कराने से कतराती हैं। राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सहायता मांगने वाली किसी भी पीड़ित महिला या युवती की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। आप बिना किसी झिझक के अपनी समस्या पुलिस के साथ साझा कर सकती हैं।
किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत इन नंबरों पर संपर्क करें:
लोकेशन शेयर करें: यदि संभव हो तो Rajcop ऐप से अपनी लोकेशन साझा करें।
घबराएं नहीं: सबसे पहले शांत रहें और अपराधी का विरोध करने का प्रयास करें।
आवाज उठाएं: यदि भीड़भाड़ वाली जगह है तो शोर मचाएं।
तुरंत कॉल करें: 112 पर फोन करें या व्हाट्सएप हेल्पलाइन पर संदेश भेजें।