जयपुर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजस्थान दौरे का ‘FAKE’ Video Viral, राजस्थान पुलिस को जारी करना पड़ा अलर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 28 फरवरी के अजमेर दौरे को लेकर शरारती तत्वों ने भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसे पीएम मोदी की अजमेर रैली से जोड़कर पेश किया जा रहा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान पुलिस ने तत्काल मोर्चा संभाला और प्रदेशवासियों के लिए एक विशेष 'अलर्ट' जारी किया है।
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Updated: 1 Mar 2026, 10:02 AM IST
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जयपुर/अजमेर: राजस्थान पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक भ्रामक वीडियो का खंडन किया है। पुलिस के अनुसार, इस वीडियो को गलत संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अजमेर जनसभा से जोड़कर प्रसारित किया जा रहा है ताकि आम जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो सके। पुलिस ने साफ किया है कि "सोशल मीडिया पर दिखने वाला हर वीडियो सच नहीं होता" और तथ्यों की जांच किए बिना किसी भी पोस्ट को शेयर करना कानूनी मुश्किल में डाल सकता है।

राजस्थान पुलिस की 'डिजिटल स्ट्राइक'

सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो वायरल होने के तुरंत बाद राजस्थान पुलिस ने अपने आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स पर पोस्ट साझा की। पुलिस ने स्पष्ट संदेश देते हुए लिखा:

  • "अफवाह नहीं... विश्वास फैलाइए": पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी खबर को शेयर, लाइक या वायरल करने से पहले उसका सत्यापन जरूर करें।
  • तथ्यों के साथ खंडन: पुलिस ने स्पष्ट किया कि वायरल हो रहा वीडियो पीएम मोदी की अजमेर रैली का नहीं है और इसे जानबूझकर भ्रामक रूप में पेश किया जा रहा है।

'एक क्लिक से पहले सच्चाई की जांच ज़रूरी'

राजस्थान पुलिस ने चेतावनी दी है कि डिजिटल युग में केवल अफवाह फैलाना ही नहीं, बल्कि उसे आगे बढ़ाना (Share/Like) भी अपराध की श्रेणी में आता है।

  • सख्ती की तैयारी: साइबर सेल की टीमें उन अकाउंट्स पर नजर रख रही हैं जिन्होंने सबसे पहले इस वीडियो को भ्रामक दावों के साथ पोस्ट किया था।
  • कानूनी कार्रवाई: IT एक्ट के तहत अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

'कायड़ विश्राम स्थली' की रैली और सुरक्षा घेरा

प्रधानमंत्री की 28 फरवरी की रैली को लेकर अजमेर में पहले से ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। लगभग 5000 पुलिसकर्मियों और SPG की तैनाती के बीच, शरारती तत्व डिजिटल माध्यम से माहौल बिगाड़ने की फिराक में थे। पुलिस ने इस 'फेक वीडियो' को समय रहते पहचान कर बड़े विवाद को टल दिया है।

राजस्थान पुलिस की जनता से विशेष अपील

पुलिस विभाग ने प्रदेशवासियों को जागरूक करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातें साझा की हैं:

  • सोर्स की जांच करें: किसी भी वीडियो पर भरोसा करने से पहले देखें कि वह किसी प्रमाणित न्यूज़ एजेंसी या सरकारी विभाग द्वारा शेयर किया गया है या नहीं।
  • विश्वास ही ताकत है: पुलिस ने कहा, "आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। राजस्थान पुलिस सदैव सत्य, शांति और कानून व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्ध है।"

फेक न्यूज़ का 'गंदा खेल' और चुनाव/रैली का माहौल

बड़ी रैलियों और वीवीआईपी दौरों के दौरान अक्सर पुराने या दूसरे राज्यों के वीडियो को राजस्थान के संदर्भ में वायरल किया जाता है। राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की शांति भंग करने की ऐसी किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Updated on:
1 Mar 2026, 10:02 AM IST
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