जयपुर

Rajasthan Politics: एक बार फिर सीएम भजनलाल V/S अशोक गहलोत, जानिए क्यों और कैसे चला BJP-कांग्रेस का ‘मुकाबला’?      

CM Bhajanlal V/S Ashok Gehlot : मुख्यमंत्री के बयानों के सामने आने के कुछ ही देर बाद, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोरदार पलटवार किया, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है।
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Sep 27, 2026
Rajasthan Politics
CM Bhajan lal and Ex CM Ashok Gehlot

जयपुर समेत पूरे प्रदेश में रविवार के दिन भी राजनीतिक पारा अपने चरम पर रहा। आम तौर पर छुट्टी का दिन माने जाने वाले रविवार को राज्य के सियासी गलियारों में वार-पलटवार का दौर पूरे जोर-शोर से चला। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भाजपा मुख्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी और विपक्षी दलों पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और मनगढ़ंत तथ्य फैलाने के गंभीर आरोप लगाए। वहीं, मुख्यमंत्री के इन बयानों के सामने आने के कुछ ही देर बाद, प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर मोर्चा संभालते हुए जोरदार पलटवार किया, जिससे राज्य का राजनीतिक माहौल पूरी तरह गर्मा गया है।

CM भजनलाल शर्मा का कांग्रेस पर हमला

भाजपा मुख्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस पार्टी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विपक्षी दल सोची-समझी रणनीति के तहत चुनाव आयोग जैसी स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था की छवि को धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा, "जो लोग जनता द्वारा बार-बार नकारे जा चुके हैं, वे अपनी चुनावी हार को छिपाने के लिए अक्सर देश की संवैधानिक संस्थाओं पर हमला बोलते हैं। कांग्रेस पार्टी ने एसआईआर (SIR) को लेकर पूरी तरह एक झूठा नैरेटिव गढ़ा है।" उन्होंने याद दिलाया कि 26 सितंबर को आयोग द्वारा जारी एक संयुक्त बयान में यह स्पष्ट कर दिया गया था कि सभी चुनाव आयुक्तों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिए हैं। सीएम भजनलाल ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि हार के बाद दूसरों पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय उन्हें अपनी राजनीतिक गतिविधियों और जनता के बीच काम करने पर ध्यान देना चाहिए।

मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना चाहिए : गहलोत

मुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस के कुछ ही देर बाद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक लंबा-चौड़ा बयान जारी कर भाजपा सरकार और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।

गहलोत ने अपने पोस्ट में लिखा कि पहले कभी ऐसी स्थिति आने पर सभी राजनीतिक दल मिलकर समाधान की बात करते थे, लेकिन अब ऐसा पहली बार हो रहा है कि चुनाव आयोग के भीतर से ही सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि वे पिछले दो सालों से देश को आगाह कर रहे थे और आज उनकी बातें सच साबित हो रही हैं।

गहलोत ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह बेनकाब हो चुके हैं और भाजपा नेताओं द्वारा उनका बचाव यह साबित करता है कि दोनों के बीच मिलीभगत है। उन्होंने सीधे तौर पर मांग की कि मौजूदा हालात को देखते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त को खुद अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर छिड़ी जंग

इस ताज़ा सियासी टकराव ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान की मुख्य राजनीतिक पार्टियों—भाजपा और कांग्रेस—के बीच वैचारिक और राजनीतिक संघर्ष किसी भी दिन थमने वाला नहीं है। एक तरफ सत्ताधारी पार्टी जहाँ संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बचाने और विपक्ष के दुष्प्रचार को बेनकाब करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी तरफ मुख्य विपक्षी दल इन संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहा है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी गर्माहट और अधिक बढ़ने के पूरे आसार हैं।

Updated on:
27 Sept 2026 03:39 pm
Published on:
27 Sept 2026 03:38 pm