जयपुर

राजस्थान में निजी प्रैक्टिस पर रोक से मचा बवाल, एसएमएस सहित 12 अस्पतालों के अधीक्षकों ने प्रिंसिपल को सौंपा इस्तीफा

Rajasthan : राजस्थान में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और अस्पताल के अधीक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। एसएमएस सहित 12 अस्पतालों के अधीक्षकों ने प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को इस्तीफा दे दिया है। जानिए अब आगे क्या होने वाला है।
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Rajasthan private practicee ban sparked uproar SMS and 12 hospitals superintendents submitted resignations to principal
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को इस्तीफा सौंपते अस्पतालों के अधीक्षक। फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और अस्पताल के अधीक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगाने के आदेश का विरोध शुरू हो गया है। सोमवार को सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध 12 अस्पतालों के अधीक्षकों ने मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को इस्तीफा सौंप दिया है। ऐसा पहली बार हुआ है। दूसरी ओर, इस मामले में सेवारत चिकित्सक संघ सरकार के साथ खड़ा हो गया है। उन्होंने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए इस्तीफे को धमकी बताया है। इधर, जोधपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेज में इस्तीफों को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है।

सरकार का आदेश, प्रिंसिपल-अधीक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक

राजस्थान सरकार ने एक आदेश जारी कर प्रिंसिपल-अधीक्षकों की निजी प्रैक्टिस पर रोक लगा दी। चयनित प्रिंसिपल एवं अधीक्षक को विभागाध्यक्ष या यूनिट हेड बनने की अनुमति नहीं होने समेत कई अन्य नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए थे। इसके बाद मेडिकल कॉलेज टीचर्स एसोसिएशन सरकार के इस फैसले के विरोध में उतर गई।

यदि ऐसा नहीं होता है तो करेंगे राज्यव्यापी आंदोलन - डॉ. धीरज जेफ

इस मामले में राजस्थान मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. धीरज जेफ का कहना है कि अधीक्षकों ने इस्तीफे दे दिए हैं। चिकित्सा मंत्री का रवैया सकारात्मक दिखा। उन्होंने एसएमएस में आकर वार्ता करने की बात कही। यदि ऐसा नहीं होता है तो राज्यव्यापी आंदोलन करेंगे।

15 हजार डॉक्टर सरकार के साथ : सैनी

सेवारत चिकित्सक संघ ने सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए, मेडिकल टीचर्स के रवैये को हठधर्मिता, जनविरोधी और अनुचित करार दिया है। संघ के प्रदेश महासचिव डॉ. दुर्गा शंकर सैनी ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि 15 हजार चिकित्सक सरकार के फैसले के समर्थन में हैं। सैनी ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर ग्रुप 1 और ग्रुप 2 को मर्ज कर नया चिकित्सा स्वास्थ्य कैडर बनाने की मांग की है। इस्तीफे से दबाव बनाया जा रहा है।

सरकार का निर्णय मरीज के हित में : कपूर

प्राइवेट हॉस्पिटल्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. विजय कपूर ने सरकार के इस फैसले को मेडिकल छात्र व मरीजों के हित में बताया है। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से मेडिकल एजुकेशन में सुधार होगा।

प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को इस्तीफा दिया, मंत्री से मिले

सोमवार को एसएमएस के अधीक्षक डॉ. मृणाल जोशी, जेके लोन के अधीक्षक डॉ. आर.एन. सेहरा, महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. आशा वर्मा, सैटेलाइट हॉस्पिटल सेठी कॉलोनी के अधीक्षक डॉ. गोवर्धन मीणा, गणगौरी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. लिनेश्वर हर्षवर्धन, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के अधीक्षक डॉ. संदीप जसूजा, जनाना अस्पताल की अधीक्षक डॉ. नुपूर लोरिया, टीबी अस्पताल की अधीक्षक डॉ. चांद भंडारी, एसएमएस सुपर स्पेशलिटी के अधीक्षक डॉ विनय मल्होत्रा और बनीपार्क सैटेलाइट अस्पताल के अधीक्षक डॉ पीडी मीणा और मनोचिकित्सालय के अधीक्षक डॉ. ललित बत्रा अपना इस्तीफा लेकर पहुंचे।

प्रिंसिपल के चैंबर में बातचीत के बाद सभी ने अपना इस्तीफा पत्र और ज्ञापन प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी को सौंपा। इसके बाद सभी इस मामले पर ज्ञापन पत्र और इस्तीफों की कॉपी सौंपने के लिए चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर से मिलने चले गए और शिकायत दर्ज करवाई है। फिर खींवसर ने जल्द समाधान करने और मंगलवार को इस मामले को लेकर बैठक बुलाने के लिए कहा है।

Updated on:
18 Nov 2025 07:38 am
Published on:
18 Nov 2025 07:38 am