
जयपुर। राजस्थान में मानसून के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में 295.30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 374.55 मिमी रहती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य के मुकाबले 21.16 % कम बारिश हुई है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के 21 जिलों में बारिश कम दर्ज की गई है, जबकि 18 जिलों में बारिश सामान्य रही। वहीं सिर्फ दो जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में कोई भी जिला असामान्य या बहुत कम बारिश वाली श्रेणी में नहीं है।
आंकड़ों के मुताबिक अगर सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो, डीग में सबसे ज्यादा अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 31.04 फीसदी अधिक बारिश हुई। इसके बाद फलोदी में 21.57 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। वहीं सलूंबर सामान्य बारिश वाली श्रेणी में रहा। यानी प्रदेश में कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कई जिलों में बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे रही। बता दें राजस्थान में इस बार मानसून सम से पहले आ गया था, उसके बाद भी ऐसे हालात हैं।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य सरकार से संभावित सूखे जैसे हालात के लिए अभी से आकस्मिक योजना तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को हालात बिगड़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। सूखे से निपटने के पिछले अनुभवों को देखते हुए सरकार को पहले से ही तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए।
मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में अगले कुछ दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। 4 और 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर रहने के आसार हैं। जोधपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में गतिविधियां कमजोर रहेंगी, जबकि 4 से 6 सितंबर के बीच बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और नागौर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।