जयपुर

Rajasthan : राम जल सेतु लिंक परियोजना की फंडिंग पर नया अपडेट, इन फार्मूलों पर हो रहा है मंथन

Rajasthan : राम जल सेतु लिंक परियोजना के निर्माण के लिए धन कैसे आएगा, इस पर मंथन चल रहा है। कुछ फार्मूलों निकाले गए हैं, जिनमें से एक पर सब सहमत हो सकते हैं। जानिए क्या है मामला।
2 min read
• •
Updated: 8 Jun 2026, 7:32 AM IST
Rajasthan Ram Jal Setu Link Project funding New math these formulas are being discussed
राम जल सेतु लिंक परियोजना। फाइल फोटो पत्रिका

Rajasthan : राजस्थान की सबसे बड़ी राम जल सेतु लिंक परियोजना में फंडिंग को लेकर नए विकल्प पर भी मंथन किया जा रहा है। करीब 89 हजार करोड़ रुपए लागत वाले इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए अब तक 90 प्रतिशत केंद्रीय सहायता के फॉर्मूले पर चर्चा चलती रही है, लेकिन इसके साथ ही 60:30:10 का वैकल्पिक मॉडल भी चर्चा में आ गया है। सूत्रों के अनुसार जलशक्ति मंत्रालय और राजस्थान सरकार इस मॉडल की वित्तीय व्यावहारिकता और प्रशासनिक पहलुओं का परीक्षण कर रहे है। प्रस्तावित फॉर्मूले में 60 प्रतिशत अनुदान, 30 प्रतिशत बिना ब्याज ऋण और 10 प्रतिशत राज्य 90 फीसदी हिस्से का प्रावधान है। हालांकि, अभी किसी भी मॉडल पर अंतिम निर्णय नहीं हुआ है और 90 प्रतिशत केंद्रीय सहायता का प्रस्ताव भी पूरी तरह बरकरार है। परियोजना की लागत और राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए केंद्र सभी संभावित फंडिंग विकल्पों का आकलन कर रहा है।

अभी केन-बेतवा को ही 90 प्रतिशत फंडिंग…

मध्यप्रवेश-यूपी की केन बेतवा लिंक परियोजना को ही अभी तक 90 प्रतिशत तक फंडिंग दी गई है। इसी आधार पर राजस्थान भी मांग कर रहा है, क्योंकि दोनों प्रोजेक्ट को नदी जोड़ो अभियान (इंटरलिकिंग) से जोड़ा गया है। पानी का ट्रांसफर सिस्टम लगभग एक समान है। इसमें पेयजल, सिंचाई और औद्योगिक इकाइयों को सप्लाई किया जाएगा।

केंद्रीय कैबिनेट के लिए पीआइबी नोट

केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय ने परियोजना को लेकर पीआइबी (पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड) नोट तैयार किया है जो केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। इसमें परियोजना की पूरी रूपरेखा, तकनीकी पहलू और फंडिंग मेकैनिज म शामिल है। राज्य सरकार इस परियोजना के लिए केंद्र से 90 प्रतिशत फंडिंग की मांग कर रही है।

मोटी लागत से सभी पहलुओं का आकलन

बताया जा रहा है कि करीब 89 हजार करोड़ रुपए की लागत वाली इस परियोजना को वित्तीय दृष्टि से देश की बड़ी जल संसाधन योजनाओं में माना जा रहा है। इसी वजह से केंद्र सरकार विभिन्न फंडिंग विकल्पों के प्रभाव और व्यावहारिकता का आकलन कर रही है।

राजस्थान के भविष्य से जुड़ा है यह प्रोजेक्ट

यह परियोजना राजस्थान के भविष्य से जुड़ा प्रोजेक्ट है। हमारी कोशिश है कि राज्य को अधिकतम और व्यावहारिक केंद्रीय सहयोग मिले। फंडिंग के विभिन्न विकल्पों पर चर्चा सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। इसमें 60:30:10 फॉर्मूला चर्चा तक है। प्रदेश हित में सकारात्मक निर्णय होगा और परियोजना जल्द आगे बढ़ेगी।
सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री

Updated on:
8 Jun 2026, 7:32 AM IST
Published on: