Girls Hostels: वित्त मंत्री ने महिलाओं और छात्राओं के हित में फैसला लेते हुए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की।
जयपुर। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज अपने 9वें केंद्रीय बजट में राजस्थान को लेकर बड़ा एलान किया। लोकसभा में बजट घोषणा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने महिलाओं और छात्राओं के हित में फैसला लेते हुए हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने की घोषणा की। ऐसे में अब देश के 800 जिलों में एक-एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
शिक्षा के क्षेत्र में बड़े एलान करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देशभर में 15000 सेकेंडरी स्कूल और 500 कॉलेज खोले जाएंगे। साथ ही देशभर में हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे। ऐसे में राजस्थान के भी हर जिले में एक गर्ल्स हॉस्टल बनेगा।
राजस्थान में वर्तमान में 41 जिले है। जिनमें राजधानी जयपुर सहित अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डूंगरपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर पुराने जिले है। वहीं, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, दूदू, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और फलौदी नए जिले है। वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार अब इन सभी जिलों में एक—एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
केंद्र सरकार ने छात्राओं की शिक्षा और सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से प्रदेश के हर जिले में गर्ल्स हॉस्टल बनाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार चाहती है कि ग्रामीण क्षेत्रों की लड़कियों को सुरक्षित आवास सुविधा उपलब्ध मिले। इसके अलावा उच्च शिक्षा के साथ रोजगार के अवसर मिले। ऐसे में महिला सशक्तिकरण के हित में केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।
दौसा जिले के ग्रामीण क्षेत्र से आकर जयपुर में पढ़ाई कर रही मीशा यादव ने कहा कि अब तक पढ़ाई के लिए बाहर जाना बहुत मुश्किल था। किराए का कमरा, सुरक्षा की चिंता और खर्च—सब कुछ परिवार पर बोझ था। अब दौसा जिले में गर्ल्स हॉस्टल खुलेगा तो हमें बड़ा फायदा होगा।
कॉलेज स्टूडेंट नेहा जैमिनी ने बताया कि सरकारी गर्ल्स हॉस्टल खुलने से लड़कियों को सुरक्षित और रहने के लिए सस्ती सुविधा मिलेगी। कोचिंग और कॉलेज के पास रहने से पढ़ाई पर फोकस बढ़ेगा। ये फैसला बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में बहुत बड़ा कदम है।