राजस्थान स्वास्थ्य विभाग ने RGHS योजना में फर्जीवाड़े के खिलाफ बड़ी स्ट्रिक्ट कार्रवाई करते हुए 500 से ज्यादा लाभार्थियों के कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं और 2 करोड़ रुपये वसूले हैं। निजी अस्पतालों द्वारा SSO ID का गलत इस्तेमाल कर फर्जी बिल बनाने की शिकायतों के बाद अब सरकार ने नया अलर्ट सिस्टम शुरू किया है।
Jaipur News: राजस्थान सरकार की महत्वपूर्ण स्कीम RGHS में हो रही गड़बड़ी पर राज्य स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (RGHS) में चल रही धोखाधड़ी और कार्ड के गलत इस्तेमाल पर विभाग ने पिछले 6 महीनों में करीब 500 लाभार्थियों के कार्ड ब्लॉक कर दिए हैं और उनसे 2 करोड़ रुपये की वसूली भी की है।
जांच में सामने आया कि कई लोग अपने कार्ड का फायदा उन रिश्तेदारों को दिला रहे थे, जो इसके हकदार नहीं हैं। इसके अलावा, कुछ निजी अस्पतालों के खेल का भी पर्दाफाश हुआ है। विभाग को पता चला कि कुछ अस्पतालों का स्टाफ मरीजों से उनकी SSO ID और पासवर्ड ले लेता था।
इसके बाद मरीज के इलाज के नाम पर फर्जी तरीके से दवाइयों और टेस्ट के बिल पोर्टल पर चढ़ा दिए जाते थे, ताकि सरकार से मोटा पैसा एंठा जा सके। कई मामलों में यह भी देखा गया कि मरीज ने न तो दवा ली और न ही इलाज कराया, फिर भी उनके कार्ड से पैसे कट गए। इसी लूट को रोकने के लिए सरकार ने अब एक 'अलर्ट सिस्टम' शुरू किया है।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए अब लाभार्थियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर हर महीने एक SMS आएगा। इसमें बताया जाएगा कि उस महीने आपके कार्ड से कितना खर्च हुआ है। इस मैसेज में OPD, IPD, दवाइयों और डे-केयर का अलग-अलग ब्योरा होगा। इससे लाभार्थी तुरंत जान पाएंगे कि किसी अस्पताल या फार्मेसी ने उनके नाम पर फर्जी बिल तो नहीं उठाया है।
यदि किसी लाभार्थी को लगता है कि उसके कार्ड का गलत इस्तेमाल हुआ है या किसी अस्पताल ने फर्जी बिल बनाया है, तो वह तुरंत RGHS हेल्पलाइन, उनके ऑफिस या 181 हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने साफ किया है कि मॉनिटरिंग और तेज की जाएगी और दोषी अस्पतालों के खिलाफ भी सख्त एक्शन लिया जाएगा।