
विजय शर्मा / जयपुर। रोडवेज की हड़ताल के चलते शुक्रवार शाम परिवहन मंत्री युनूस खान के साथ हुई दूसरे दौर की वार्ता के बाद समाप्त कर दी गई। सूत्रों के अनुसार दूसरे दौर की वार्ता के बाद सरकार और रोडवेज संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों में समझौता हो गया। उसके बाद हडताल समाप्त करने की घोषणा कर दी गई। इससे पहले सरकार और रोडवेज संयुक्त मोर्चे के पदाधिकारियों के बीच दिनभर वार्ता का दौर चलता रहा। शुक्रवार को सुबह ही सरकार की ओर से कर्मचारी नेताओं को वार्ता का न्यौता मिला। इसके बाद साढ़े 12 बजे वार्ता का समय तय किया गया। करीब एक बजे से परिवहन मंत्री यूनुस खान के साथ वार्ता शुरू हुई जो तीन बजे तक चली। एटक यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष एमएल यादव ने बताया कि पहले दौर की वार्ता में सरकार और पदाधिकारी सकात्मक रुख की ओर से बढ़ते दिखे गए। इसके बाद शाम छ बजे से फिर दूसरे दौर की वार्ता शुरू हुई।
इधर गुरूवार रात 12 बजे तक हड़ताल के 48 घंटे होने के बाद संयुक्त मोर्चे ने हड़ताल जारी रखने का निर्णय लिया था। शुक्रवार को हड़ताल खुलने का इंतजार कर रहे लोगों को निराशा हाथ लगी। शुक्रवार को भी बसों का टोटा रहा। हांलाकि विभाग की स्वीकृति के बाद यात्रियों की सुविधा को देखते हुए निजी और लोकपरिवहन बसों का संचालन बस स्टैंड के पास ही किया गया। ऐसे में निजी बसों में यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। लेकिन यात्रियों को लूट से छूट नहीं मिल पाई। शुक्रवार को भी निजी बस चालकों ने यात्रियों से मनमानी के किराया वसूला। राजधानी में सिंधी कैंप, नारायण सिंह सर्किल, दुर्गापुरा, सोडाला, चौमूं हाउस से निजी बसों की एंट्री देखी गई।
व्यापार हो गया चौपट, सूने हो गए होटल
इधर रोडवेज के हड़ताल के चलते सिंधी कैंप बस स्टैंड के आस-पास करीब 200 होटलों का कारोबार पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। ट्रांसपोर्ट और रोडवेज की हड़ताल का असर होटलों पर देखने को मिला। व्यापारी और पर्यटक नहीं आने से होटलेे सूनी पड़ी हैं। व्यापारियों के अनुसार हड़ताल के कारण 60-65 फीसदी असर देखने को मिल रहा है। इसके अलावा सिंधी कैंप बस स्टैंड के बाहर ऑटो रिक्शा चालक निराश बैठे हैं, जिन पर 80 फीसदी असर देखने को मिल रहा है। यही हाल ढाबों और रेस्टोरेंट का हो रहा है।