मुख्यमंत्री युवा संबल योजना का पोर्टल (EEMS) 16 अप्रैल से अनिश्चितकाल के लिए बंद किया जा रहा है, जिससे नए आवेदन और अटेंडेंस अपलोड करने का काम ठप हो जाएगा।
राजस्थान के शिक्षित बेरोजगारों के लिए बुरी खबर है। मुख्यमंत्री युवा संबल योजना, जो युवाओं को आर्थिक संबल देने का वादा करती है, खुद 'बजट और प्रशासनिक' कुप्रबंधन के भंवर में फंस गई है। रोजगार विभाग ने घोषणा की है कि बेरोजगारी भत्ते के लिए प्रयुक्त होने वाला EEMS पोर्टल 16 अप्रैल से आगामी आदेशों तक बंद रहेगा। इस फैसले ने उन लाखों युवाओं की चिंता बढ़ा दी है जो अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए सरकार की इस 'भत्ते स्कीम' से राहत मिलने की आस संजो रहे थे।
रोजगार निदेशालय के अनुसार, प्रशासनिक कारणों से पोर्टल को बंद रखा जा रहा है। इस अवधि के दौरान:
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पोर्टल पुनः शुरू होने की जानकारी अलग से दी जाएगी, लेकिन तब तक युवाओं को 'इंतजार' के सिवा कुछ हासिल नहीं होने वाला।
जानकारी के अनुसार, प्रदेश के करीब 2 लाख बेरोजगार पिछले 5 से 7 महीनों से अपने हक के भत्ते का इंतजार कर रहे हैं। सरकार हर महीने करीब 60 करोड़ रुपए इस योजना पर खर्च करती है। पिछले 7 महीनों का हिसाब देखें तो बेरोजगारों के लगभग 420 करोड़ रुपए सरकारी फाइलों में अटके हुए हैं।
निदेशालय ने दिसंबर तक के बिल तैयार कर वित्त विभाग को भेज दिए थे, लेकिन बजट जारी न होने के कारण पेमेंट नहीं हो पाया। अब स्थिति यह है कि पिछला वित्तीय वर्ष (2025-26) समाप्त हो चुका है और नए वित्तीय वर्ष के नियमों के तहत इन बिलों को 'री-प्रोसेस' करना होगा, जिससे भुगतान में महीनों की और देरी होना तय है।
बेरोजगार युवाओं का कहना है कि एक तरफ सरकार रोजगार के वादे करती है, वहीं दूसरी तरफ जो 'संबल' मिल रहा था, उसे भी बजट की कमी बताकर रोका जा रहा है। वित्तीय वर्ष बदलने के कारण तकनीकी बाधाएं अब युवाओं की आर्थिक परेशानी को और बढ़ाएंगी। अधिकारी इस मुद्दे पर कैमरे के सामने कुछ भी बोलने से बच रहे हैं, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
भत्ता न मिलने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के सामने कमरों का किराया, बिजली बिल और फॉर्म भरने तक के पैसे नहीं बच रहे हैं। जयपुर, जोधपुर और कोटा जैसे शहरों में रहकर तैयारी कर रहे छात्रों के लिए यह 4000-4500 रुपए की राशि संजीवनी का काम करती थी, जो अब प्रशासनिक पेचीदगियों की भेंट चढ़ गई है।
राजस्थान सरकार की मुख्यमंत्री युवा संबल योजना (MMYSY) शिक्षित बेरोजगार युवाओं को 2 साल तक आर्थिक सहायता (बेरोजगारी भत्ता) प्रदान करती है। इसके तहत पुरुषों को ₹4,000 और महिलाओं/विशेष योग्यजनों को ₹4,500 प्रतिमाह दिए जाते हैं। यह भत्ता पाने के लिए सरकारी विभाग में प्रतिदिन 4 घंटे की इंटर्नशिप अनिवार्य है।