
Rajasthan Food Safety: जयपुर. अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को अब भोजन की गुणवत्ता को लेकर भी राहत मिलने की उम्मीद है। राजस्थान में ‘शुद्ध आहार–मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग 24 से 30 सितंबर तक अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की विशेष जांच करेगा। इस दौरान सरकारी और निजी अस्पतालों की कैंटीन, कैफेटेरिया, भोजनालय, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया जाएगा।
अभियान का उद्देश्य मरीजों और उनके परिजनों को स्वच्छ, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मरीजों के स्वास्थ्य के साथ किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए। अस्पतालों में इलाज के साथ भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है।
प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य गायत्री राठौड़ ने कहा कि अस्पतालों के अंदर और आसपास संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित निगरानी की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने सभी जिलों में 24 से 30 सितंबर तक विशेष निरीक्षण एवं नमूनीकरण अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। अभियान के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ उनके भंडारण की व्यवस्था भी जांची जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों में काम करने वाले लोगों की व्यक्तिगत स्वच्छता और परिसर की साफ-सफाई भी जांच के दायरे में रहेगी।
इसके अलावा खाद्य प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले पेयजल की गुणवत्ता, कच्चे और पके खाद्य पदार्थों के रख-रखाव तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों की पालना की भी जांच की जाएगी। अधिकारियों को आवश्यकता के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग की टीम यह भी देखेगी कि खाद्य पदार्थ सुरक्षित तरीके से रखे गए हैं या नहीं और उन्हें तैयार करने तथा परोसने में निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। नियमों का उल्लंघन मिलने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अभियान के दौरान अस्पताल परिसरों के साथ-साथ आसपास के इलाकों में संचालित खाद्य प्रतिष्ठानों पर भी विशेष नजर रहेगी। विभाग का कहना है कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल मिलावट पकड़ना नहीं, बल्कि अस्पताल आने वाले मरीजों, उनके परिजनों और आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य प्रतिष्ठानों में मानकों की नियमित पालना सुनिश्चित करना है।