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जयपुर। छात्रसंघ चुनाव के एक दिन पहले गुरुवार को सियासी घमासान मचा रहा। हमले में घायल एनएसयूआई के अध्यक्ष पद प्रत्याशी रणवीर सिंघानिया और संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यू पूनिया एसएमएस अस्पताल से सीधे राजस्थान विश्वविद्यालय गेट पर पहुंच गए और यहीं सड़क पर बैठ करीब दो घंटे तक आपबीती बताकर मौका भुनाने में जुटे रहे। माहौल ऐसा बना की छात्रों का जमावड़ा शुरू हो गया। यहां तक की विधायक धीरज गुर्जर, कांग्रेस नेता राजीव अरोड़ा भी साथ बैठ गए।
ग्लूकोस की बोतल हाथ में मांगते रहे वोट
अस्पताल से निकले सिंघानिया के हाथ में ड्रीप के जरिए ग्लूकोस चढ़ाया जाता रहा। एक अन्य छात्र हाथ मेें बोतल लिए चलता रहा। इसी हालत में विद्यार्थियों से वोट मांगने भी निकल गए।
नहीं बदले कपड़े
एनएसयूआई के अध्यक्ष पद प्रत्याशी रणवीर सिंघानिया और संगठन के प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यू पूनिया एसएमएस अस्पताल से सीधे राजस्थान विश्वविद्यालय गेट पर पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने अपने खून से सने कपड़े भी नहीं बदले। उनके कपड़े पूरी तरह से फटे हुए थे। जिसके चलते यह भी चर्चा का विषय बना रहा, मतदाता इसे सहानुभूति लेने से जोड़कर देखते रहे।
शुरू हुई बयानवाजी
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने हमले की निन्दा करते हुए प्रदेश में व्याप्त अराजकता के इस माहौल के लिए भाजपा सरकार की कार्यप्रणाली को जिम्मेदार बताया है। उन्होंने कहा कि कैम्पस के भीतर ऐसी घटना का होना प्रदेश की कानून-व्यवस्था के साथ ही पुलिस द्वारा चौकसी बरते जाने के दावों को धत्ता बताता है।
इन्होंने कहा : फैला रहे हैं भ्रम
एबीवी के संगठन प्रभारी अर्जुन तिवारी ने कहा एनएसयूआई भ्रम फैलाने का काम कर रही है, ताकि मतदाताओं की सहानुभूति मिल सके। किसने हमला कराया, इस पूरे घटनाक्रम की जांच होनी चाहिए। उन्होंने मामला तक दर्ज नहीं कराया। कुलपति से मिलकर मामले की जांच कराने की जरूरत जता दी है, जिससे एनएसयूआई के मिथ्या आरापे की हकीकत सामने आ सके।