
Fertilizer Availability in Rajasthan: जयपुर. प्रदेश में खरीफ 2026 सीजन को लेकर किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार और कृषि विभाग ने उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए स्पष्ट किया है कि इस वर्ष किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी। विभाग द्वारा न केवल आपूर्ति को मजबूत किया गया है, बल्कि कालाबाजारी, जमाखोरी और डायवर्जन जैसी अनियमितताओं पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है।
कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल ने बताया कि 13 अप्रैल 2026 तक राज्य में सहकारी और निजी क्षेत्र में 3.84 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 71 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 67 हजार मीट्रिक टन एनपीके और 2.13 लाख मीट्रिक टन एसएसपी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके साथ ही उर्वरकों की निरंतर आपूर्ति जारी है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
विभाग द्वारा 29 मार्च से गुण नियंत्रण अभियान चलाया जा रहा है, जिसे 11 अप्रैल से और तेज कर दिया गया है। इस विशेष अभियान के तहत पूरे प्रदेश में उर्वरक विक्रेताओं, औद्योगिक इकाइयों और गोदामों पर औचक निरीक्षण और छापेमारी की जा रही है। अब तक 2793 निरीक्षण किए जा चुके हैं, जिनमें 437 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा 23 विक्रेताओं के विक्रय पर रोक लगाई गई है और 38 के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। एक मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।
आयुक्त कृषि नरेश कुमार गोयल के नेतृत्व में कालाडेरा औद्योगिक क्षेत्र में विशेष कार्रवाई की गई, जहां यूरिया के दुरुपयोग की आशंका के चलते प्लाईवुड इकाइयों की जांच की गई। विभाग का कहना है कि अनियमितता करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
वहीं, प्रमुख शासन सचिव मंजू राजपाल ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड के अनुसार उर्वरकों के संतुलित उपयोग की सलाह दी है। साथ ही हरी खाद, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि उर्वरकों का पारदर्शी वितरण सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर तुरंत सख्त कार्रवाई की जाए।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे बुवाई के समय ही जरूरत अनुसार उर्वरक खरीदें और रासायनिक उर्वरकों के साथ वैकल्पिक उर्वरकों का भी उपयोग करें, ताकि खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन सके।