
जयपुर। राजस्थान में हाल ही में हुए तबादलों के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों की नाराजगी लगातार सामने आ रही है। इसी बीच धौलपुर जिले के एक शिक्षक की सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें उन्होंने अपने तबादले पर नाराजगी जताते हुए शिक्षा मंत्री पर तीखी टिप्पणी की है। पोस्ट सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। वहीं पोस्ट पर लगातार लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
दरअसल, शिक्षक ओमवीर पेलावत का तबादला धौलपुर से करीब 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ कर दिया गया है। 59 वर्षीय पेलावत ने सोशल मीडिया पर अपनी पीड़ा साझा करते हुए लिखा, "खैर, मैं तो वीआरएस ले लूंगा, लेकिन शिक्षा मंत्री आपकी जिद भाजपा को ले डूबेगी।" उनकी यह पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
पोस्ट में ओमवीर पेलावत ने खुद को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का द्वितीय वर्ष शिक्षित कार्यकर्ता बताते हुए लिखा कि उनके पिता भाजपा के ईमानदार कार्यकर्ता रहे हैं और इस बात को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी जानती हैं। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने भी कई बार भाजपा का जिला प्रमुख और प्रधान बनवाने में सक्रिय भूमिका निभाई है।
शिक्षक ने आगे लिखा कि उन्होंने पदोन्नति स्वीकार कर ली, लेकिन इसके बाद उनका तबादला 59 वर्ष की उम्र में 500 किलोमीटर दूर झालावाड़ कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि उनका स्थानांतरण किसी रिक्त पद पर भी नहीं किया गया, जिससे उन्हें मानसिक और पारिवारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इधर, तबादला सूची को लेकर भाजपा के भीतर भी असंतोष खुलकर सामने आ रहा है। मंगलवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भाजपा प्रदेश कार्यालय और कई मंत्रियों के आवास पहुंचे। कुछ भाजपा विधायकों ने भी प्रदेश नेतृत्व के सामने नाराजगी जताते हुए कहा कि तबादलों में उनकी अनुशंसाओं की अनदेखी की गई है।
दूसरी तरफ ट्रांसफर को लेकर एक और मामला सामने आया है। सरकार की तरफ से 10 जुलाई को तबादले बंद कर दिए गए, लेकिन लेकिन विभिन्न विभागों से बैकडेट में तबादला सूची जारी होने की चर्चा है। ऐसे में कुछ कर्मचारी और कार्यकर्ता लगातार अपने मामलों के समाधान की उम्मीद लगाए हुए हैं।
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि हाल के तबादलों को लेकर पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ा है और कई लोग सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी सार्वजनिक कर रहे हैं। फिलहाल, ओमवीर पेलावत की वायरल पोस्ट को लेकर शिक्षा विभाग या भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।