जयपुर

Teachers Transfer: आठ साल से तृतीय श्रेणी शिक्षकों के नहीं हुए तबादले, पांच कमेटियां बनीं, हल एक नहीं

Rajasthan Teachers Transfer: तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले आखिरी बार जुलाई 2018 में हुए थे। उसके बाद से स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है।

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Apr 20, 2026
पत्रिका फाइल फोटो

Teacher Transfer Policy in Rajasthan: जयपुर. तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादलों पर आठ वर्षों से लगे ठहराव ने अब असंतोष की आग को और भड़का दिया है। जहां अध्यापक लेवल प्रथम और द्वितीय के हजारों शिक्षक एक ही स्थान पर वर्षों से जमे हैं, वहीं स्थानांतरण की प्रक्रिया बार-बार टलती जा रही है। यह मामला अब केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि हजारों शिक्षक परिवारों के सामाजिक और मानसिक संतुलन को प्रभावित करने वाला गंभीर संकट बन चुका है।

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2018 के बाद से नहीं हुए तबादले

तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले आखिरी बार जुलाई 2018 में हुए थे। उसके बाद से स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी तरह ठप पड़ी है। प्राथमिक अध्यापक संघ (लेवल प्रथम) के प्रदेशाध्यक्ष विजय सुथार ने स्पष्ट कहा कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों के साथ अन्याय की स्थिति बनी हुई है। आठ वर्षों तक स्थानांतरण न होना गंभीर प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है।

कमेटियों का लंबा इतिहास, समाधान शून्य

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस समस्या के समाधान के लिए तीन दशकों में पांच बार कमेटियां बनाई गईं, लेकिन हर बार नतीजा सिफर रहा:

  • 1994 — पहली समिति गठित, रिपोर्ट सामने नहीं आई
  • 1997-98 — प्रयास शुरू हुए, लेकिन अधूरे रह गए
  • 2005 — स्थायी समाधान नहीं निकल सका
  • 2015-16 — सिफारिशें लागू नहीं हुईं
  • 2020 — रिपोर्ट आई, लेकिन निर्णय आज भी लंबित

यह सिलसिला बताता है कि सरकारें बदलती रहीं, कमेटियां बनती रहीं — लेकिन शिक्षकों की पीड़ा जस की तस बनी रही।

परिवार से दूर, सेवा में मजबूर

हजारों शिक्षक लंबे समय से अपने परिवार से दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। इससे न केवल उनका मानसिक और सामाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता पर भी असर पड़ रहा है। जब शिक्षक खुद अस्थिर परिस्थितियों में हो, तो वह बच्चों को स्थिर भविष्य कैसे देगा?

आंदोलन की चेतावनी

शिक्षक संगठनों ने साफ कह दिया है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश स्तर पर व्यापक आंदोलन की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। गेंद अब सरकार के पाले में है — क्या इस बार कमेटी नहीं, बल्कि ठोस फैसला आएगा?

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Published on:
20 Apr 2026 12:50 pm
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