जयपुर

राजस्थान के 168 निकायों और 4 बड़े नगर निगमों में वोटिंग कल, जानें किन मुद्दों और युवा वोटरों पर टिकी BJP-कांग्रेस की साख

राजस्थान के 39 जिलों के 168 नगरीय निकायों में कल यानी बुधवार को मतदान होगा। इसमें पाली, भरतपुर, भीलवाड़ा और अलवर नगर निगम शामिल हैं। चुनाव में 49% से अधिक युवा प्रत्याशी मैदान में हैं और 40% से अधिक युवा मतदाता फैसला करेंगे।
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Sep 08, 2026
169 local bodies and 4 major civic bodies
राजस्थान के 169 निकायों और 4 बड़े नगर निगमों में बुधवार को होगी वोटिंग (पत्रिका फाइल फोटो)

Rajasthan Nikay Chunav 2026: राजस्थान के 39 जिलों के 5 हजार 393 वार्डों में नगरीय निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए बुधवार को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। इन 168 नगरीय निकाय क्षेत्रों में सोमवार शाम रैलियों, सभाओं, रोड शो और जुलूस का चुनावी शोर थम गया, अब घर-घर जाकर प्रचार हो सकेगा। प्रशिक्षण के बाद मंगलवार को मतदान दल रवाना होंगे, जो शाम तक संबंधित मतदान केंद्र पहुंचकर अगले दिन होने वाले मतदान की तैयारियां शुरू कर देंगे।

लोकसभा और विधानसभा चुनाव के समान मतदाताओं तक पर्ची नहीं पहुंचने व बुजुर्ग मतदाताओं को होम वोटिंग सुविधा न मिलने से मतदान प्रतिशत में कमी का अंदेशा है। वहीं, 35 वर्ष आयु तक के 40% से अधिक मतदाताओं का जोश मतदान बढ़ाने में मदद करेगा। उधर, पहले चरण में 40 वर्ष तक के युवा प्रत्याशी 49% से अधिक जिनका जोश भी चुनाव मैदान में दिखाई देगा।

पहले चरण में 39 जिलों के 5 हजार 393 वार्डों में मतदाता अपने पार्षद चुनेंगे, जबकि प्रदेशभर के कुल वार्डों की संख्या 10 हजार 245 है। पहले चरण में प्रदेश के चार नगर निगमों सहित 168 नगरीय निकायों में मतदान होगा, जिनमें से पाली, भरतपुर, भीलवाड़ा और अलवर नगर निगम शामिल हैं। 10 में से जयपुर नगर निगम सहित 6 नगर निगमों में 11 सितंबर को मतदान होगा। दोनों चरणों की मतगणना 14 सितंबर को होगी।

पहला चरण: 20 हजार 623 प्रत्याशी और 7 हजार 683 मतदान केंद्र

मतदाताओं को निर्धारित पहचान दस्तावेज लाना होगा। पहले चरण के चुनाव में 57 लाख 52 हजार 278 मतदाता, 20 हजार 623 प्रत्याशियों के लिए 7 हजार 683 मतदान केंद्रों पर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

मतदाताओं का गणित

  • 1 करोड़ 44 लाख 3 हजार 853 कुल मतदाता
  • कुल निकाय 309
  • पुरुष मतदाता 73 लाख 98 हजार 415
  • महिला मतदाता 70 लाख 04 हजार 927
  • 511 थर्ड जेंडर
  • 27.24% मतदाता बढ़े वर्ष 2019 की तुलना में

वोट मैनेजमेंट पर जोर: भाजपा बूथ पर, कांग्रेस निर्दलीयों के साथ जोड़ रही समीकरण

पहले चरण का प्रचार थमते ही भाजपा और कांग्रेस ने चुनावी रणनीति का फोकस वोट मैनेजमेंट पर कर दिया है। भाजपा ने कमजोर बूथों की पहचान कर कार्यकर्ताओं का नेटवर्क सक्रिय किया है। उधर, कांग्रेस 50 से 100 वोट काटने की क्षमता रखने वाले निर्दलीयों से संपर्क साध रही है।

कंट्रोल रूम एक्टिव, बागियों और निर्दलीयों पर नजर

प्रचार अभियान थमने के साथ ही भाजपा ने रणनीति का फोकस 'वोटिंग और प्रत्याशी मैनेजमेंट' पर कर दिया है। अब समर्थक मतदाताओं को घर से बूथ तक पहुंचाने पर जोर रहेगा। कमजोर बूथों की पहचान से लेकर मतदान के दिन कार्यकर्ताओं की सक्रियता तक की मॉनिटरिंग की जा रही है। निर्दलीय और बागियों की सूची भी तैयार की है, जिन्हें संगठन 'आगे' मान रहा है। जिला संगठनों ने यह सूची प्रदेश संगठन को भेज दी है। सोमवार से इनके साथ संपर्क का दौर भी तेज किया गया है। पार्टी इसे निकायों में बहुमत का आंकड़ा जुटाने की संभावित रणनीति के तौर पर देख रही है।

कांग्रेसः बागियों को साध रहे, पोस्ट-पोल मैनेजमेंट की तैयारी

राजस्थान में पहले चरण का मतदान समाप्त होते ही कांग्रेस ने अब चुनावी प्रबंधन का अगला चरण शुरू कर दिया है। पार्टी ने ऐसे निर्दलीय प्रत्याशियों की सूची पर काम शुरू किया है, जो खुद जीत की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी के वोट काटने की क्षमता रखते हैं। कांग्रेस की रणनीति अब ऐसे उम्मीदवारों को अपने पक्ष में लाने और दूसरे चरण में पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में मतदान का माहौल मजबूत करने की है।

कांग्रेस का मानना है कि निकाय चुनाव में मुकाबला कई वार्डों में बेहद करीबी है। ऐसे में 50 से 100 या इससे अधिक वोट लेने वाला निर्दलीय भी नतीजे को प्रभावित कर सकता है। पार्टी अब प्रभावित खासतौर पर कांग्रेस विचारधारा से जुड़े ऐसे उम्मीदवारों से संपर्क कर रही है। जिला स्तर के नेताओं को इनसे बातचीत की जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष, विधायक और वरिष्ठ नेताओं को इन लोगों से संपर्क साधने की जिम्मेदारी दी जा रही है।

Updated on:
08 Sept 2026 10:24 am
Published on:
08 Sept 2026 10:18 am