Rajasthan Weather Changed : मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। जिस वजह से वायरस की चाल भी कुछ बदली नजर आ रही है। घर-घर बीमार-मरीजों में मिल रहे निमोनिया, खांसी, सर्दी, जुकाम के लक्षण। इन बातों का रखें ख्याल।
मौसम लगातार बदल रहा है। जिस वजह से राजस्थान के जिलों में तापमान भी बदल रहा है। तापमान में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव का असर जनता की सेहत पर देखने को मिल रहा है। इस कारण घर-घर में बीमार मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक हर कोई सर्दी, जुकाम, खांसी, निमोनिया आदि शिकायतें लेकर जयपुर के सरकारी व निजी अस्पताल में पहुंच रहे हैं। कई गंभीर हालत में भी लाए जा रहे हैं जिन्हें भर्ती करवाना पड़ रहा है। राजस्थान की राजधानी जयपुर में सवाई मानसिंह अस्पताल के मेडिसिन विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण मौसमी बीमारियों के मरीज बढ़ रहे हैं।
सामान्य दिनों में जहां मेडिसिन विभाग की ओपीडी 1500 से 1800 तक चल रही थी, वही अब बढ़कर 2500 तक पहुंच गई है। ओपीडी में आने वाले ज्यादातर मरीजों में लंबे समय से खांसी, निमोनिया, गले में दर्द, संक्रमण, जकड़न, आंख-नाक से पानी आना, अस्थमा, एलर्जी, सांस संबंधी दिक्कतें पाई जा रही हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ सी एल नवल ने बताया कि फरवरी में कई तरह वायरस एक्टिव हो जाते हैं। इस बार वायरस के ट्रेंड में बदलाव देखा जा रहा है। सामान्यतः मौसमी बीमारियों की चपेट में आने वाले मरीज पांच से सात दिन में ठीक हो जाते हैं, लेकिन इस बार उन्हें ठीक होने में 15 से 20 दिन का समय लग रहा है। उनके मुताबिक यह असर इस माह के अंत तक रहेगा।
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वरिष्ठ शिशुरोग विशेषज्ञ डॉ अशोक गुप्ता ने बताया कि यह संक्रमण एक से दूसरे में फैल रहा है इसलिए बच्चे भी ठीक होने के बाद फिर से चपेट में आ रहे हैं। कई बच्चे निमोनिया तो कुछ डेंगू से ग्रस्त होकर अस्पताल में पहुंच रहे हैं। लंबे समय तक बीमार रहने के कारण उन्हें दवाइयां भी लंबे समय तक लेनी पड़ रही है। ऐसे में बीमार बच्चे को ठीक होने तक परिजन दूसरे बच्चों से अलग रखें। उसे खुला वातावरण दें।
एसएमएस अस्पताल अतिरिक्त अधीक्षक डॉ मनोज शर्मा ने कहा सांस की नलियों में सूजन और इससे होने वाली सिकुड़न के कारण भी खांसी कई दिन बाद ठीक हो रही है। खांसी के कारण कई मरीजों को पसलियों में दर्द की शिकायत भी बढ़ी है। कुछ मरीजों में इंफेक्शन गले से बढ़कर सीने तक पहुंच रहा है। उनकी कोविड समेत दूसरे कॉमन वायरस की जांच रिपोर्ट भी निगेटिव आ रही है तो कुछ मरीजों में ब्रोन्काइटिस जैसे लक्षण भी मिल रहे हैं। ऐसे में घबराएं नहीं, तुरंत इलाज लें।
- घरेलू नुस्खों से बचें।
- मनमर्जी से दवा का सेवन नहीं करें।
- कोई भी लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।
- गर्म कपड़े पहनें और कान कवर कर रखें।
- हार्ट अटैक के मरीज सुबह वॉक से बचें।
- बच्चे व बुजुर्ग नियमित रूप से दवा लें।
- खानपान का ध्यान रखें और इम्युनिटी बढ़ाएं।
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