जयपुर

राजस्थान के 11 विश्वविद्यालयों में खुलेंगे ‘राजस्थानी भाषा’ अध्ययन केंद्र, राज्यपाल ने जारी किए निर्देश

राजस्थान में मातृभाषा को उच्च शिक्षा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे के निर्देश पर प्रदेश के 11 राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। नई शिक्षा नीति के अनुरूप इस पहल का उद्देश्य राजस्थानी भाषा, साहित्य, लोक संस्कृति और शोध को नई पहचान देना है।
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Jul 28, 2026
Governor Haribhau Bagde
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे: फोटो पत्रिका नेटवर्क

जयपुर। राजस्थान की मातृभाषा और सांस्कृतिक विरासत को अकादमिक स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। राज्यपाल एवं राज्य के सभी राज्य वित्तपोषित विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हरिभाऊ बागडे के निर्देश पर प्रदेश के 11 प्रमुख विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इस संबंध में राजभवन सचिवालय ने सभी संबंधित विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को पत्र जारी कर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

राजभवन की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि राजस्थानी भाषा प्रदेश के बड़े भू-भाग में बोली जाने वाली प्रमुख भाषा है और यह राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, लोक परंपराओं तथा ऐतिहासिक विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। ऐसे में विश्वविद्यालयों में राजस्थानी भाषा के अध्ययन, शोध और संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाना आवश्यक है।

नई शिक्षा नीति में मातृभाषा को प्राथमिकता

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में शिक्षा और अध्ययन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों में इस दिशा में तत्काल कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यपाल के सचिव की तरफ से लिखा गया पत्र।

तत्काल काम शुरू करने के निर्देश

राजभवन सचिवालय ने सभी विश्वविद्यालयों से कहा है कि वे अपने-अपने संस्थानों में राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र की स्थापना की प्रक्रिया अविलंब प्रारंभ करें और की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी सचिवालय को भेजें, ताकि राज्यपाल को इससे अवगत कराया जा सके।

इन विश्वविद्यालयों में स्थापित किए जाएंगे राजस्थानी भाषा अध्ययन केंद्र-

  • राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर।
  • जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय, जोधपुर।
  • मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय, उदयपुर।
  • महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय, अजमेर।
  • कोटा विश्वविद्यालय, कोटा।
  • महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय, बीकानेर
  • वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय, कोटा।
  • गोविन्द गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय, बांसवाड़ा।
  • पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर।
  • महाराजा सूरजमल बृज विश्वविद्यालय, भरतपुर।
  • राजऋषि भर्तृहरि मत्स्य विश्वविद्यालय, अलवर।

राजस्थान विश्वविद्यालय में चल रहा आमरण अनशन

इधर, इस निर्णय की चर्चा इसलिए भी तेज हो गई है क्योंकि राजस्थान विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव बहाली सहित विभिन्न मांगों को लेकर छात्र नेता शुभम रेवाड़ पिछले छह दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में राजस्थान विश्वविद्यालय में पृथक राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना भी शामिल है। ऐसे में राजभवन की यह पहल राजस्थानी भाषा के संरक्षण और उच्च शिक्षा में उसके विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

Updated on:
28 Jul 2026 10:19 pm
Published on:
28 Jul 2026 10:16 pm