
राजस्थान भाजपा अध्यक्ष को बदलने की तैयारी शुरू हो गई है। जल्द ही सीपी जोशी की बजाय किसी और नेता को इसकी कमान सौंपी जाएगी। ताकि लोकसभा चुनाव पर इसका कोई असर नहीं पड़े। दरअसल, जातिगत संतुलन की वजह से प्रदेशाध्यक्ष को बदलने की तैयारी है। राजस्थान में नए सीएम भजन लाल शर्मा ब्राह्मण हैं। वहीं प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी भी ब्राह्मण हैं। इस वजह से प्रदेशाध्यक्ष को बदलने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो 15 दिसंबर को ही यह सबकुछ होना था, लेकिन सहमति नहीं बनने की वजह से यह टल गया है।
इन नेताओं में से बन सकता है अध्यक्ष
पार्टी की पहली पसंद कैलाश चौधरी हैं। लोकसभा की कई सीटें जाट बाहुल्य हैं। अगर चौधरी को प्रदेशाध्यक्ष बनाया जाता है तो इन सीटों पर सीधा फायदा मिलेगा। सतीश पूनियां को जब प्रदेशाध्यक्ष पद से हटाया गया था, तब जाट समाज ने नाराजगी भी जताई थी। हालांकि पार्टी ने उन्हें उपनेता प्रतिपक्ष का पद देकर इस नाराजगी को कुछ हद तक दूर करने का प्रयास किया था। वहीं, वरिष्ठ नेता राजेंद्र राठौड़ भी इस रेस में शामिल हैं।
कई टिकट बदलेंगे
लोकसभा चुनाव अगले साल मई में हो सकते हैं। ऐसे में अप्रेल तक आचार-संहिता लगने की संभावना है। पार्टी ने जिस तरह से विधानसभा चुनाव में टिकटों में बदलाव किया था। इस बार उम्मीद है कि लोकसभा चुनाव में भी कई चेहरे बदले जा सकते हैं। यही वजह है कि 6 लोकसभा सांसदों को चुनाव लड़ाया गया।