
जयपुर। श्री राजपूत करणी सेना ने 27 अक्टूबर को हुंकार रैली के बाद रविवार 11 नवंबर को राजपूत शक्ति सम्मेलन कर राजनीतिक पार्टियों पर जमकर निशाना साधा। विद्याधर नगर स्टेडियम में हजारों की संख्या में समाज के लोग पहुंचे। मंच से सेना के संस्थापक संरक्षक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि हम उनका साथ देंगे, जो हमारी बात करेगा। अनुसूचित जाति की 59 सीटों पर समता मंच के साथ हैं। हम दलितों के खिलाफ नहीं हैं। आधी रात को भी करणी सेना दलितों का साथ देगी।
न कोई हाथी, न कोई हाथ है न कोई साथ है। हम तो हम हीं है। वो राज नहीं करेगा, जो करणी सेना की बात नहीं करेगा। हम आरक्षण की समीक्षा की बात करते हैं। सरकार सामाजिक ताने-बाने को बिखरने की कोशिश में है। वहीं, राजपूत सेना मांगती नहीं, अधिकार छीनने पड़ते हैं। समता मंच को वोट देंगे।
कोर कमेटी बनाएगी रणनीति
सेना के संरक्षक प्रेमसिहं सांझू ने कहा कि बिना राजपूत वोट के सरकार नहीं बन सकती। युवा जोश ना खोए। छापा मार युद्ध के लिए तैयार हो जाएं। अब 30 व्यक्तियों की कोर कमेटी बनेगी। वह मंथन कर आगे की रणनीति तय करेगी। सम्मेलन में समता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष पाराशर नारायण शर्मा, युवा प्रकोष्ठ के जितेंद्र तंवर, सेना के जिलाध्यक्ष जयपुर नारायण सिंह दिवराला, प्रदेश सचिव शक्ति सिंह सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
हमारा संख्या बल भंसाली से पूछ लेना
सम्मेलन में दल ही नहीं बल्कि फिल्म इंडस्ट्री भी निशाने पर रही। राष्ट्रीय अध्यक्ष महिपाल सिंह मकराना ने कहा कि हमारी संख्या बल चाहे कितनी भी हो, भंसाली को पूछ लेना कि 89 लोग ही थे। वो हजार लोग थे। भगाया था। देश गवाह है कि किस तरह से बहन-बेटी पर आंच आती है तो समाज का खून हमेशा खड़ा रहा है। किसी की गलतफहमी है कि 5 कुर्सी खाली रह गई तो क्या। फर्क सिर्फ स्वाभिमान और सम्मान से पड़ता है। हम कभी भी टिकट मांगने के लिए पार्टियों के कार्यालय के बाहर नहीं, बल्कि वे ही कालवी हाउस के बाहर समर्थन के लिए मिल जाएंगे। मन से निकाल देना है कि हम कांग्रेस के हाथ का, भाजपा के कमल और बसपा के हाथी के साथ होंगे। राजपूत तो स्वयं ही खड़ा होगा।