पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के फैसलों को भजनलाल सरकार पलट सकती है। कैबिनेट सब कमेटी ने बड़े संकेत दिए है। जानें...
राजस्थान में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार (Gehlot Govt) के कार्यकाल के अंतिम 6 माह के फैसलों की समीक्षा के लिए गठित कैबिनेट सब कमेटी सात माह में करीब 10 बैठक कर चुकी है। लेकिन कमेटी अभी तक किसी बड़े निर्णय तक नहीं पहुंच सकी है। कमेटी सदस्यों का कहना है कि अभी जांच चल रही है।
सचिवालय में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींसवर की अध्यक्षता में हुई सब कमेटी की बैठक में मंगलवार को नगरीय विकास विभाग से जुड़े जमीन आवंटन के करीब 40 मामलों की समीक्षा की गई। इसमें ज्यादातर मामले सामाजिक संगठनों को जमीन आवंटन से जुड़े थे।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने कहा कि कुछ मामले ऐसे भी है जिनमें जमीन आवंटन में नियमों की अवहेलना की गई है। ऐसे मामलों को खत्म करने पर विचार किया जा रहा है। दो-तीन बैठक और होंगी, जिनमें पूरे मामले का निपटारा करके सीएम को रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।
बताते चलें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में बनाए गए 17 नए जिलों (Rajasthan New Districts) की समीक्षा भी हो रही है। सेवानिवृत्त आईएएस ललित के. पंवार कमेटी की रिपोर्ट पर सोमवार को कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में चर्चा हुई। हालांकि बैठक में जिले बढ़ाने और घटाने को लेकर कोई फैसला नहीं हो पाया। लेकिन, यह संकेत जरूर मिले हैं कि कुछ जिलों में कटौती हो सकती है। संभावित तौर पर छोटे जिलों पर सरकार कैंची चल सकती है। कमेटी की अगली बैठक 13 दिन बाद होगी।