जयपुर

रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, ठाकुरजी से पहले ही लोग बांध लेंगे राखी

Raksha Bandhan 2023: इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त को मनाया जा रहा है, जबकि शहर के आराध्य गोविंददेवजी के दूसरे दिन राखी बंधेंगी।

2 min read
Aug 27, 2023
रक्षाबंधन पर भद्रा का साया, ठाकुरजी से पहले ही लोग बांध लेंगे राखी

जयपुर। इस बार रक्षा बंधन का त्योहार 30 अगस्त को मनाया जा रहा है, जबकि शहर के आराध्य गोविंददेवजी के दूसरे दिन राखी बंधेंगी। गोविंददेवजी मंदिर में 31 अगस्त को रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाएगा। आराध्य गोविंददेवजी को दूसरे दिन शृंगार झांकी में राखी बांधी जाएगी और विशेष झांकी के दर्शन होंगे। जबकि लोग एक दिन पहले रात 9 बजे बाद ही राखी बांध लेंगे। यानी इस बार ठाकुरजी से पहले ही लोग राखी बांध लेंगे।

श्रावण पूर्णिमा 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे शुरू होगी, जो 31 अगस्त को सुबह 7 बजकर 06 मिनट तक रहेगी। इस बार रक्षाबंधन के दिन 30 अगस्त को पूर्णिमा के साथ ही सुबह 10.59 बजे भद्रा शुरू हो जाएगी, जो रात 9.02 बजे तक रहेगी। रक्षाबंधन के दिन दिनभर भ्रदा का साया रहने से रात को ही राखी बांधने का मुहूर्त रहेगा। रात 9 बजकर 02 मिनट से मध्यरात्रि 12 बजकर 28 मिनट तक राखी बांधी जा सकेगी। इस बार सिर्फ 3 घंटे 26 मिनट ही राखी बांधने के लिए मिलेंगे।

शहर के आराध्य गोविंददेवजी मंदिर में 31 अगस्त को रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा। इस दिन ठाकुरजी को राखी बांधी जाएगी। सुबह 9 बजकर 30 मिनट से सुबह 10 बजकर 15 मिनट तक ठाकुर श्रीजी के राखी धारण दर्शन शृंगार झांकी में होंगे। हालांकि मंदिर प्रबंधन ने कहा है कि ठाकुरजी के राखी धारण कराने के लिए राखी व अन्य सामग्री एक दिन पहले ही 30 अगस्त को मंदिर कार्यालय में जमा करानी होगी।

प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा को ही रक्षाबंधन
ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन का पर्व अपराह्न व्यापिनी व प्रदोष व्यापिनी भद्रा रहित पूर्णिमा में मनाने का विधान है। 30 अगस्त को पूर्णिमा तिथि सुबह 10 बजकर 59 मिनट पर शुरू होगी, लेकिन इसके साथ ही भद्रा शुरू हो जाएगी, भद्रा रात 9 बजकर 02 मिनट तक रहेगी। भद्रा रहित अपराह्न व्यापिनी त्रि मुहूर्ती पूर्णिमा में रक्षाबंधन मनाने का विधान है। 31 अगस्त को पूर्णिमा तीन मुहूर्त्त से कम होने के कारण रक्षाबंधन त्योहार 30 अगस्त को मनाया जाएगा।

दूसरे दिन भी बांधी जा सकेगी राखी
ज्योतिषाचार्य डॉ. विनोद शास्त्री का कहना है कि भद्रा में राखी नहीं बांधी जा सकती है। इस बार 30 अगस्त को रात 9.02 बजे तक भद्रा रहेगी। ऐसे से व्यावहारिक दृष्टि से देखे तो रात को राखी बांधना संभव नहीं हो तो दूसरे दिन 31 अगस्त को भी पूर्णिमा होने से श्रवण पूजन कर राखी बांधी जा सकती है।

सुबह भी बांध सकते हैं राखी
ज्योतिषाचार्य पं. चन्द्रशेखर शर्मा का कहना है कि श्रावण शुक्ल चतुर्दशी युक्त पूर्णिमा पर 30 अगस्त को सुबह 10.59 बजे से रात 9.02 बजे तक पृथ्वी लोक की अशुभ भद्रा रहेगी। ऐसे में भद्रा को टालकर रात 9.02 बजे के बाद मध्यरात्रि 12.28 बजे तक राखी बांधी जा सकती है। आवश्यकता हुई तो इस दिन सुबह 06.09 बजे से सुबह 9.27 बजे तक भी बांध सकते है।

Published on:
27 Aug 2023 10:43 am
Also Read
View All